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Question
किसी आदर्श वायुयान के परीक्षण प्रयोग में वायु-सुरंग के भीतर पंखों के ऊपर और नीचे के पृष्ठों पर वायु-प्रवाह की गतियाँ क्रमशः 70 ms-1 तथा 63 ms-1 हैं। यदि पंख का क्षेत्रफल 2.5 m2 है तो उस पर आरोपित उत्थापक बल परिकलित कीजिए। वायु का घनत्व 1.3 kg m-3 लीजिए।
Solution
बर्नूली प्रमेय के अनुसार, वायु के. क्षैतिज प्रवाह के लिए,
`"P"_1 + 1/2rhoυ_1^2 = "P"_2 + 1/2rhoυ_2^2`
जहाँ P1 = वायुयान पंख के ऊपर दाब तथा P2 = पंख के नीचे दाब
υ1 = पंख की ऊपरी सतह पर वायु का वेग तथा υ2 = निचली सतह पर वायु का वेग
∴ पंख की ऊपरी सतह की तुलना में निचली सतह पर दाब आधिक्य अर्थात् पंखों की सतहों के बीच दाबांतर
= `"P"_2 - "P"_1 = 1/2rho(υ_1^2 - υ_2^2)`
= `1/2 xx 1.3 xx [70^2 - 63^2] "N"//"m"^2 `
= `0.65 xx (133) (7) "N"//"m"^2`
= 605.15 N/m2
अतः पंखे की निचली सतह पर ऊपर की ओर कार्यरत उत्थापक बल
F = (दाबांतर) × पंख का क्षेत्रफल
= (P2 - P1) × A
= 605.15 N/m2 × 2.5 m2
= 1512.9 N
= 1.5 × 103 N
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