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कोई इलेक्ट्रॉन पुंज आपके पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर क्षैतिजतः गमन करते हुए किसी प्रबल चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आपके दाईं ओर विक्षेपित हो जाता है। - Science (विज्ञान)

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Question

मान लीजिए आप किसी चैंबर में अपनी पीठ को किसी एक दीवार से लगाकर बैठे हैं। कोई इलेक्ट्रॉन पुंज आपके पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर क्षैतिजतः गमन करते हुए किसी प्रबल चुंबकीय क्षेत्र द्वारा आपके दाईं ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?

Answer in Brief

Solution

चुंबकीय क्षेत्र की दिशा फ्लेमिंग के दक्षिण-हस्त अँगुष्ठ नियम के अनुसार निर्धारित किया जाता है।

इलेक्ट्रॉन पुंज पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर क्षैतिजतः गमन करने के उत्पन्न विद्युत धारा भी पीछे की दीवार से सामने वाली दीवार की ओर है। अतः फ्लेमिंग के दक्षिण-हस्त अँगुष्ठ नियमानुसार चुंबकीय क्षेत्र विद्युत धारा की क्षेत्र से लंबवत होगी, अर्थात चुंबकीय क्षेत्र की दिशा मेरे बाईं ओर से दाईं ओर में होने के कारण इलेक्ट्रॉन पुंज दाईं ओर विक्षेपित हो जाता है।

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चुंबकीय क्षेत्र में किसी विद्युत धारावाही चालक पर बल
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Chapter 13: विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव - अभ्यास [Page 270]

APPEARS IN

NCERT Science [Hindi] Class 10
Chapter 13 विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
अभ्यास | Q 10. | Page 270

RELATED QUESTIONS

किसी प्रोटॉन का निम्नलिखित में से कौन-सा गुण किसी चुबंकीय क्षेत्र में मुक्त गति करते समय परिवर्तित हो जाता है? 


पश्चिम की ओर प्रक्षेपित कोई धनावेशित कण (अल्फा-कण) किसी चुंबकीय क्षेत्र द्वारा उत्तर की ओर विक्षेपित हो जाता है। चुंबकीय क्षेत्र की दिशा क्या है?


फ्लेमिंग का वामहस्त नियम लिखिए।


नीचे दी गई क्रियाकलाप में हमारे विचार से छड़ AB का विस्थापन किस प्रकार प्रभावित होगा यदि,

  1. छड़ AB में प्रवाहित विद्युत धारा में वृद्धि हो जाए
  2. अधिक प्रबल नाल चुंबक प्रयोग किया जाए
  3. छड़ AB की लंबाई में वृद्धि कर दी जाए?
  • ऐलुमिनियम की एक छोटी छड़ (लगभग 5 cm लंबी) लीजिए। चित्र में दर्शाए अनुसार इस छड़ को दो संयोजक तारों द्वारा किसी स्टैंड से क्षैतिजतः लटकाइए।
  • एक प्रबल नाल चुंबक इस प्रकार से व्यवस्थित कीजिए की छड़ नाल चुंबक के दो ध्रुवों के बीच में हो तथा चुंबकीय क्षेत्र की दिशा उपरिमुख हो। ऐसा करने के लिए नाल चुंबक का उत्तर ध्रुव ऐलुमिनियम की छड़ के उर्ध्वाधरतः नीचे एवं दक्षिण ध्रुव उर्ध्वाधरतः ऊपर रखिए (चित्र)।
  • ऐलुमिनियम की छड़ एक बैटरी, एक कुंजी तथा एक धारा नियंत्रक के साथ श्रेणीक्रम में संयोजित कीजिए। ऐलुमिनियम छड़ में सिरे B से A की ओर विद्युत प्रवाहित कराइए। 
  • आप क्या देखते हैं? हम यह देखते हैं की विद्युत धारा प्रवाहित होते ही छड़ बाईं दिशा में विस्थापित होती है।
  • अब छड़ में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा की दिशा उत्क्रमित कीजिए और छड़ के विस्थापन की दिशा नोट कीजिए। अब यह दाईं ओर विस्थापित होती है। छड़ क्यों विस्थापित होती है?


विद्युत धारावाही छड़ AB अपनी लंबाई तथा चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत एक बल का अनुभव करती है। सरलता के लिए, चुंबक की टेक नहीं दर्शाई गई है।


किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित विद्युत धारावाही चालक पर आरोपित बल कब अधिकतम होता है?


निम्नलिखित की दिशा को निर्धारित करने वाला नियम लिखिए-

किसी चुंबकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लंबवत स्थित, विद्युत धारावाही सीधे चालक पर आरोपित बल।


किसी लंबी सीधी धारावाही परिनालिका के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता ______ 


उस क्रियाकलाप का वर्णन कीजिए जो यह दर्शाता है कि किसी चुंबकीय क्षेत्र में स्थित कोई धारावाही चालक एक बल अनुभव करता है जो उसकी लंबाई तथा बाह्य चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत् होता है। फ्लेमिंग का वामहस्त नियम किसी धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने में हमारी सहायता किस प्रकार करता है? स्पष्ट कीजिए।


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