Advertisements
Advertisements
Question
कविता की अपनी पसंदीदा चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।
काम को आरंभ करके यों नहीं जो छोड़ते, सामना करके, नहीं जो भूलकर मुँह मोड़ते, जो गगन के फूल बातों से वृथा नहिं तोड़ते, संपदा मन से करोड़ों की नहीं जो जोड़ते। |
Solution
किसी भी कार्य की शुरुआत करने के बाद उसे अधूरा छोड़ना नहीं चाहिए। काम को एक बार शुरुआत करने के बाद, उसे पूर्ण करना चाहिए। काम में मुश्किलों का सामना करने की बात है। यह कहता है कि जिन लोगों को मुश्किलों का सामना करना आता है, वे हार नहीं मानते और मुँह मोड़कर नहीं भागते। सजीव रहने के लिए किसी को बनावटी बातों का महत्वपूर्ण नहीं मानना चाहिए। व्यक्ति को अपनी जीवन में महत्वपूर्ण और सत्यापनपूर्ण मूल्यों का पालन करना चाहिए। धन की महत्वपूर्णता क्या है और यह कहा जा रहा है कि धन को सिर्फ मानसिक समृद्धि और उत्साह से प्राप्त किया जा सकता है, न कि केवल धन से।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियां कीजिए-
देखकर जो विघ्न-बाधाओं को घबराते नहीं, रह भरोसे भाग्य के दुख भोग पछताते नहीं, काम कितना ही कठिन हो किन्तु उकताते नहीं, भीड़ में चंचल बनें जो वीर दिखलाते नहीं, मानते जी की हैं, सुनते हैं सदा सबकी कही, जो मदद करते हैं अपनी इस जगत में आप ही |
(1) कृतियाँ पूर्ण कीजिए - (2)
कर्मवीर की विशेषताएँ |
1. ____________ |
2. ____________ |
3. ____________ |
4. ____________ |
(2) अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
संजाल पूर्ण कीजिए:
कृति पूर्ण कीजिए:
विशेषताएँ लिखिए:
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखिए:
कर्मभूमि - ______
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखिए:
अकारण - ______
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखिए:
आकाश - ______
कविता में इस अर्थ में आए शब्द लिखिए:
विश्वास - ______