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Question
कविता (उड़ चल, हारिल) की अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
Short Note
Solution
कवि कहते हैं कि पूर्व दिशा में उषा का आगमन हो चूका है। नये दिन का आगमन हो चुका है। नये दिन की चुनौतियाँ हमारे सामने है। हमें अकेले भी इन चुनौतियाँ का सामना करने के लिए हारिल की तरह हाथ में तिनका लेकर प्रगति-पथ पर चल देना चाहिए।
shaalaa.com
उड़ चल, हारिल
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संजाल पूर्ण कीजिए :
कृति पूर्ण कीजिए :
१. ______
२. ______
उचित जोड़ियाँ ढूँढ़कर लिखिए :
अ | आ |
१. प्राण | ______ |
२. ______ | पंख |
३. उषा | ______ |
४. ______ | पावन धूली |
पद्य (उड़ चल, हारिल) में प्रयुक्त प्रेरणादायी पंक्तियाँ लिखिए |
निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
‘उड़ चल, हारिल’
१. रचनाकार का नाम
२. रचना का प्रकार/की विधा
३. पसंदीदा पंक्ति
४. पसंद होने का कारण
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा