Advertisements
Advertisements
Question
पद्य (उड़ चल, हारिल) में प्रयुक्त प्रेरणादायी पंक्तियाँ लिखिए |
Short Note
Solution
ऊपर-ऊपर-ऊपर-ऊपर, बढ़ा चीर चल दिग्मंडल
अनथक पंखों की चोटों से, नभ में एक मचा दे हलचल !
तिनका तेरे हाथों में है, अमर एक रचना का साधन
तिनका तेरे पंजे में है, विधना के प्राणों का स्पंदन !
shaalaa.com
उड़ चल, हारिल
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
संजाल पूर्ण कीजिए :
कृति पूर्ण कीजिए :
१. ______
२. ______
उचित जोड़ियाँ ढूँढ़कर लिखिए :
अ | आ |
१. प्राण | ______ |
२. ______ | पंख |
३. उषा | ______ |
४. ______ | पावन धूली |
कविता (उड़ चल, हारिल) की अंतिम दो पंक्तियों का अर्थ लिखिए।
निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
‘उड़ चल, हारिल’
१. रचनाकार का नाम
२. रचना का प्रकार/की विधा
३. पसंदीदा पंक्ति
४. पसंद होने का कारण
५. रचना से प्राप्त प्रेरणा