Advertisements
Advertisements
Question
लिखिए :
Chart
Solution
जल के दो रूप :
- तरल
- सघन
shaalaa.com
चिंता
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
संजाल पूर्ण कीजिए :
लिखिए :
जोड़ियाँ मिलाइए :
अ | उत्तर | आ |
जलधि | ______ | दुख |
पुतले | ______ | उपेक्षाएँ |
रेखाएँ | ______ | नाद |
यौवन | ______ | चमकीले |
कविता (चिंता) में इन अर्थ में आए शब्द ढूँढ़िए :
वर्षा - ______
कविता (चिंता) में इन अर्थ में आए शब्द ढूँढ़िए :
अत्यंत गुप्त - ______
कविता (चिंता) में इन अर्थ में आए शब्द ढूँढ़िए :
पृथ्वी/नदी - ______
कविता (चिंता) में इन अर्थ में आए शब्द ढूँढ़िए :
वायु - ______
कविता (चिंता) की अंतिम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
प्रकृति रही दुर्जेय, पराजित हम सब थे भूले मद में,
भोले थे, हॉं तिरते केवल सब विलासिता के नद में।
वे सब डूबे, डूबा उनका विभव, बन गया पारावर
उमड़ रहा था देव सुखों पर दुख जलधि का नाद अपार’’
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर "चिंता" कविता का पद्य विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम
- रचना की विधा
- पसंदीदा पंक्ति
- पसंद होने का कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा