Advertisements
Advertisements
Question
लोग मीरा को बावरी क्यों कहते हैं?
Solution
मीरा कृष्ण-भक्ति में अपनी सुध-बुध खो बैठी हैं। उन्हें किसी परंपरा या मर्यादा का ध्यान नहीं है। कृष्ण-भक्ति के लिए उन्होंने राज-परिवार छोड़ दिया, लोकनिंदा सही तथा मंदिरों में भजन गाए, नृत्य किया। भक्ति की यह पराकाष्ठा बावलेपन को दर्शाती है इसलिए लोगों ने उन्हें बावरी कहा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं? वह रूप कैसा है?
भाव व शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –
"अंसुवन जल सींचि-सचि, प्रेम-बेलि बोयी
अब त बेलि फैलि गई, आणंद-फल होयी"
भाव व शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –
"दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से विलोयी
दधि मथि घृत काढ़ि लियो, डारि दयी छोयी"
"विस का प्याला राणा भेज्या, पीवत मीरां हाँसी" - इसमें क्या व्यंग्य छिपा है?
मीरा जगत को देखकर रोती क्यों हैं?
कल्पना करें, प्रेम प्राप्ति के लिए मीरा को किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा होगा।
लोक-लाज खोने का अभिप्राय क्या है?
मीरा ने ‘सहज मिले अविनासी’ क्यों कहा है?
"लोग कहै, मीरां भइ बावरी, न्यात कहै कुल-नासी" - मीरा के बारे में लोग (समाज) और न्यात (कुटुंब) की ऐसी धारणाएँ क्यों हैं?