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Question
मानव नेत्र के परितारिका तथा लेंस से जुड़ी हुई कोशिका (स्नायू) का कार्य क्या है?
Solution
यदि आँखों पर पड़ने वाला प्रकाश आवश्यकता से अधिक हो, तो पुतली के प्रकुंचन द्वारा प्रकाश नियंत्रित किया जाता है। इसके विपरीत जब प्रकाश का परिमाण अपेक्षा से कम होता है, तब पुतली के प्रसरण द्वारा आँखों में अपेक्षित प्रकाश प्रविष्ट होता है। अतः पुतली द्वारा अपने आकार में अपेक्षित परिवर्तन करके आँखों में प्रकाश की आवश्यक मात्रा को प्रविष्ट कराने की प्रक्रिया को परिस्थिति के अनुसार अनुकूलन कहते हैं। (आकृति) देखो। इस प्रकार किसी दूरस्थ वस्तु को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।
दूरस्थ वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टिपटल पर बनना (प्ररूपी आकृति)
जब हमें अपने समीप स्थित किसी वस्तु को देखना होता है, तब पक्ष्माभी पेशियाँ प्रकुंचित होकर नेत्रलेंस की वक्रता बढ़ा देती हैं। फलतः नेत्रलेंस कुछ मोटा (thick) हो जाता है। इसके कारण नेत्रलेंस का नाभ्यंतर कम हो जाता है। नाभ्यंतर कम होने के कारण समीप की वस्तु का स्पष्ट प्रतिबिंब दृष्टिपटल पर बनने लगता है और हम उसे देख सकते हैं।
समीप की वस्तु का प्रतिबिंब दृष्टिपटल पर बनना (प्ररूपी आकृति)