रोज़ी और निक्की' पाठ से हमें यह सीख मिलती है कि जानवर भी इंसानों के सच्चे और भावनात्मक साथी हो सकते हैं। लेखक ने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए रोज़ी नामक कुतिया और निक्की नामक नेवले के साथ बिताए सुंदर पलों को याद किया है। रोज़ी लेखक की हर गतिविधि में साथ देती थी और निक्की एक समझदार, अनुशासित पालतू था। यह पाठ हमें बताता है कि पशु भी प्रेम, विश्वास और समझदारी से भरपूर होते हैं और उनके साथ बिताया गया समय जीवन की सबसे अनमोल यादों में से एक बन जाता है।