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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

।। स्नेह ही स्नेह का पुरस्कार है।। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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Question

।। स्नेह ही स्नेह का पुरस्कार है।।  

Long Answer

Solution

यह कहावत बताती है कि सच्चा प्रेम या स्नेह किसी इनाम या बदले की उम्मीद से नहीं किया जाता। जब आप किसी से निःस्वार्थ प्रेम करते हो, तो उसका सबसे बड़ा पुरस्कार भी वही प्रेम होता है। यानी अगर आपके स्नेह के बदले में आपको स्नेह मिल गया, तो उससे बढ़कर कोई उपहार नहीं।

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Chapter 1.4: रोजी और निक्की - पाठ्य प्रश्न [Page 13]

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Balbharati Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 1.4 रोजी और निक्की
पाठ्य प्रश्न | Q ७. | Page 13
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