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नाइट्रोजन गैस के एक सिलिंडर में, 2.0 atm दाब एवं 17°C ताप पर, नाइट्रोजन अणुओं के माध्य मुक्त पथ एवं संघट्ट आवृत्ति का आकलन कीजिए। नाइट्रोजन अणु की त्रिज्या लगभग 1.0 Å लीजिए। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

नाइट्रोजन गैस के एक सिलिंडर में, 2.0 atm दाब एवं 17°C ताप पर, नाइट्रोजन अणुओं के माध्य मुक्त पथ एवं संघट्ट आवृत्ति का आकलन कीजिए। नाइट्रोजन अणु की त्रिज्या लगभग 1.0 Å लीजिए। संघट्ट-काल की तुलना अणुओं द्वारा दो संघट्टों के बीच स्वतंत्रतापूर्वक चलने में लगे समय से कीजिए। (नाइट्रोजन का आण्विक द्रव्यमान = 28.0u)

Numerical

Solution

P = 2.0, वायुमण्डलीय = 2 × 1.013 × 105 = 2.026 × 105 N m-2,

T = 17°C = 17 + 273 = 290 K

1 मोल गैस के लिए, PV = RT

`"V"= "RT"/"P"`

`= (8.31 xx 290)/(2.026 xx 10^5)`

`= 1.189 xx 10^-2  "m"^-3`

प्रति एकांक आयतन में अणुओं की संख्या, `"n" = "N"/"V"`

` = (6.023 xx 10^23)/(1.189 xx 10^-2)`

`= 5.0 xx 10^25  "m"^-3`

माध्य मुक्त पथ, `lambda = 1/(sqrt2pi"d"^2"n")`

= `1/(sqrt2pi(2"r")^2"n")`

= `1/(1.414 xx 3.14 xx (2.0 xx 10^-10)^2 xx 5.0 xx 10^25)`

= 1.0 × 10-7 m

υrms = `sqrt((3"RT")/"M")`

= `sqrt((3 xx 8.31 xx 290)/(28 xx 10^-3))`

= 5.1 × 102 m/s

संघट्ट आवृत्ति

`nu = upsilon_"rms"/lambda`

`= (5.1 xx 10^2)/(1.0 xx 10^-3)`

= 5.1 × 109 m/s-1

संघट्ट काल

`"d"/ upsilon_"rms"`

`= (2.0 xx 10^-10)/(5.0 xx 10^2)`

= 4 × 10-13 s

दो क्रमागत संघट्टों के बीच लगा समय

`= lambda/ upsilon_"rms"`

`= (1.0 xx 10^-7)/(5.1 xx 10^2)`

= 2 × 10-10 s

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विशिष्ट ऊष्मा धारिता - गैस
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Chapter 13: अणुगति सिद्धांत - अभ्यास [Page 352]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 13 अणुगति सिद्धांत
अभ्यास | Q 13.10 | Page 352

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1 मीटर लंबी संकरी (और एक सिरे पर बंद) नली क्षैतिज रखी गई है। इसमें 76 cm लंबाई भरा पारद सूत्र, वायु के 15 cm स्तंभ को नली में रोककर रखता है। क्या होगा यदि खुला सिरा नीचे की ओर रखते हुए नली को ऊर्ध्वाधर कर दिया जाए?


साम्यावस्था में किसी गैस का घनत्व और दाब अपने संपूर्ण आयतन में एकसमान हैं। यह पूर्णतया सत्य केवल तभी है जब कोई भी बाह्य प्रभाव न हो। उदाहरण के लिए गुरुत्व से प्रभावित किसी गैस स्तंभ का घनत्व (और दाब) एकसमान नहीं होता है। जैसा कि आप आशा करेंगे इसका घनत्व ऊँचाई के साथ घटता है। परिशुद्ध निर्भरता ‘वातावरण के नियम' `"n"_2 = "n"_1"exp"[- ("mg")/("k"_"B""T")("h"_2 - "h"_1)]` से दी जाती है, यहाँ n2, n1 क्रमशः h2 व h1 ऊँचाइयों पर संख्यात्मक घनत्व को प्रदर्शित करते हैं। इस संबंध का उपयोग द्रव-स्तंभ में निलम्बित किसी कण के अवसादने साम्य के लिए समीकरण `"n"_2 = "n"_1"exp"[- ("m"_"g""N"_"A")/(rho  "RT")(rho - rho^"'")("h"_2 - "h"_1)]` को व्युत्पन्न करने के लिए कीजिए, यहाँ ρ निलंबित कण का घनत्व तथा ρ’ चारों तरफ के माध्यम का घनत्व है। NA आवोगाद्रो संख्या तथा R सार्वत्रिक गैस नियतांक है। [संकेतः निलंबित कण के आभासी भार को जानने के लिए आर्किमिडीज के सिद्धांत का उपयोग कीजिए ।]


नीचे कुछ ठोसों व द्रवों के घनत्व दिए गए हैं। उनके परमाणुओं की आमापों का आकलन (लगभग) कीजिए।

पदार्थ परमाणु द्रव्यमान (u) घनत्व (103 kg m-3)
कार्बन (हिरा) 12.01 2.22
गोल्ड 197.00 19.32
नाइट्रोजन (द्रव) 14.01 1.00
लिथियम 6.94 0.53
फ्लुओरीन (द्रव) 19.00 1.14

[ संकेतः मान लीजिए कि परमाणु ठोस अथवा द्रव प्रावस्था में 'दृढ़ता से बँधे' हैं, तथा आवोगाद्रो संख्या के ज्ञात मान का उपयोग कीजिए। फिर भी आपको विभिन्न परमाणवीय आकारों के लिए अपने द्वारा प्राप्त वास्तविक संख्याओं का बिल्कुल अक्षरशः प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि दृढ़ संवेष्टन सन्निकटन की रूक्षता के परमाणवीय आकार कुछ Å के पास में हैं ]


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