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Question
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
रचनाकार का नाम
Solution
रचनाकार का नाम - जयशंकर प्रसाद।
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निम्नलिखित पंक्तियों का तात्पर्य लिखिए :
वही हम दिव्य आर्य संतान - ______.
उचित जोड़ियाँ मिलाइए :
- संचय
- सत्य
- अतिथि
- रत्न
- वचन
- दान
- हृदय
- तेज
- देव
अ | आ |
१ ______ | ______ |
२ ______ | ______ |
३ ______ | ______ |
4 ______ | ______ |
लिखिए :
कविता मेें प्रयुक्त दो धातुओं के नाम :
लिखिए :
भारतीय संस्कृति की दो विशेषताएँ :
प्रस्तुत कविता की अपनी पसंदीदा किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ लिखिए ।
प्रस्तुत कविता की अपनी पसंदीदा किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ लिखिए ।
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
रचना का प्रकार
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
पसंदीदा पंक्ति
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
पसंदीदा होने का कारण
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :
रचना से प्राप्त संदेश
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न । हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव । वही है रक्त, वही है देश, वही साहस है, वैसा ज्ञान वही है शांति, वही है शक्ति, वही हम दिव्य आर्य संतान । जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष । |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाकर लिखिए: (2)
अ | आ | |
(i) | ______ | ______ |
(ii) | ______ | ______ |
(iii) | ______ | ______ |
(iv) | ______ | ______ |
(2) (i) उपसर्ग और प्रत्यय लगाकर नये शब्द लिखिए: (1)
उपसर्गयुक्त | नम्र | प्रत्यययुक्त |
______ | ______ |
(ii) निम्न शब्दों के लिए पद्यांश में आए विलोमार्थी शब्द लिखिए: (1)
- अज्ञान ×
- दानव ×
(3) पद्यांश की प्रारंभिक चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए:
मुद्दे | भारत महिमा |
(1) रचनाकार का नाम | |
(2) रचना की विधा | |
(3) पसंद की पंक्तियाँ | |
(4) पंक्तियाँ पसंद होने का कारण | |
(5) रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा |
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
'चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)
(2) पद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए-
(i) ऐसे शब्द जिनका अर्थ निम्न शब्द हो- (1)
- पवित्र अर्थ के लिए प्रयुक्त शब्द - ______
- गरीब अर्थ के लिएं प्रयुक्त शब्द - ______
(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)
वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव।
(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
हिमालय के आँगन में उसे, किरणों का दे उपहार उषा ने हँस अभिनंदन किया, और पहनाया हीरक हार। जगे हम, लगे जगाने विश्व, लोक में फैला फिर आलोक व्योमतम पुंज हुआ तब नष्ट, अखिल संसृति हो उठी अशोक। विमल वाणी ने वीणा ली, कमल कोमल कर में सप्रीत सप्तस्वर सप्तसिंधु में उठे, छिड़ा तब मधुर साम संगीत। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए- (2)
(i)
(ii)
(2) (i) पद्यांश में ढूँढ़कर लिखिए- (1)
- हीरों का हार - ______
- शोकरहित - ______
(ii) वचन परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए- (1)
हिमालय के आँगन में उसे, किरणों का दे उपहार
(3) प्रस्तुत पद्यांश की किन्हीं दो पंक्तियों का भावार्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
किसी का हमने छीना नहीं, प्रकृति का रहा पालना यहीं |
- उत्तर लिखिए: [2]
वचन में संचय में भुजा में प्रतिज्ञा में ↓ ↓ ↓ ↓ ______ ______ ______ ______ -
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
______ x ______ - निम्नलिखित शब्दों के वचन पहचानकर लिखिए: [1]
- भारत - ______
- भुजाएँ - ______
- पद्यांश से विलोम शब्द की जोड़ी ढूढकर लिखिए: [1]
- उपर्युक्त पद्यांश अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]