Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
'रामन् प्रभाव' की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में कौन-कौन से कार्य संभव हो सके?
Solution
'रामन् प्रभाव' की खोज से विज्ञान के क्षेत्र में निम्नलिखित कार्य संभव हो सके −
- विभिन्न पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की आंतरिक संरचना का अध्ययन सहज हो गया।
- रामन् की खोज के बाद पदार्थों की आणविक और परमाणविक संरचना के अध्ययन के लिए रामन् स्पेक्ट्रोस्कोपी का सहारा लिया जाने लगा।
- रामन् की तकनीक एकवर्णीय प्रकाश के वर्ण में परिवर्तन के आधार पर पदार्थों के अणुओं और परमाणुओं की संरचना की सटीक जानकारी देने लगी।
- अब पदार्थों का संश्लेषण प्रयोगशाला में करना तथा अनेक उपयोगी पदार्थों का कृत्रिम रुप में निर्माण संभव हो गया।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
'साँप ने फुसकार मारी या नहीं, ढेला उसे लगा या नहीं, यह बात अब तक स्मरण नहीं' - यह कथन लेखक की किस मनोदशा को स्पष्ट करता है?
कैलाश नगर के ज़िलाधिकारी ने आलू की खेती के विषय में लेखक को क्या जानकारी दी?
लेखक पढ़ाई की व्यवस्था कैसे करता था? ‘मेरा छोटा-सा निजी पुस्तकालय’ पाठ के आधार पर लिखिए।
हामिद कौन था? उसे लेखक की किन बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था?
रास में गांधी जी ने लोगों से सरकारी नौकरी के संबंध में क्या आह्वान किया?
नेहरू जी गांधी जी से कब मिलना चाहते थे? इस पर गांधी जी ने क्या कहा?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
उस स्त्री के लड़के की मृत्यु का कारण क्या था?
खरबूजे बेचने आई महिला फफक-फफक कर क्यों रोए जा रही थी?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए −
लेखिका को किनके साथ चढ़ाई करनी थी?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए −
लेखिका को देखकर 'की' हक्का-बक्का क्यों रह गया?
निम्नलिखित पंक्तियों में उचित विराम चिह्नों का प्रयोग कीजिए −
तुमने इतनी बड़ी जोखिम क्यों ली बचेंद्री
निम्नलिखित शब्दों में उपयुक्त उपसर्ग लगाइए −
जैसे : पुत्र − सुपुत्र
वास व्यवस्थित कूल गति रोहण रक्षित
दोनों साप्ताहिक अहमदाबाद से निकलते थे।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए −
दोपहर के भोजन को कौन-सी गरिमा प्रदान की गई?
पाठ में आए इन वाक्यों में ‘चुकना’ क्रिया के विभिन्न प्रयोगों को ध्यान से देखिए और वाक्य संरचना को समझिए-
- तुम अपने भारी चरण-कमलों की छाप मेरी ज़मीन पर अंकित कर चुके।
- तुम मेरी काफ़ी मिट्टी खोद चुके।
- आदर-सत्कार के जिस उच्च बिंदु पर हम तुम्हें ले जा चुके थे।
- शब्दों का लेन-देन मिट गया और चर्चा के विषय चूक गए।
- तुम्हारे भारी-भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी और तुम यहीं हो।
निम्नलिखित वाक्य संरचनाओं में ‘तुम’ के प्रयोग पर ध्यान दीजिए-
- लॉण्ड्री पर दिए कपड़े धुलकर आ गए और तुम यहीं हो।
- तुम्हें देखकर फूट पड़ने वाली मुसकुराहट धीरे-धीरे फीकी पड़कर अब लुप्त हो गई है।
- तुम्हारे भरकम शरीर से सलवटें पड़ी चादर बदली जा चुकी।
- कल से मैं उपन्यास पढ़ रहा हूँ और तुम फिल्मी पत्रिका के पन्ने पलट रहे हो।
- भावनाएँ गालियों का स्वरूप ग्रहण कर रही हैं, पर तुम जा नहीं रहे।
अतिथि के अपेक्षा से अधिक रूक जाने पर लेखक की क्या-क्या प्रतिक्रियाएँ हुईं, उन्हें क्रम से छाँटकर लिखिए।
नीचे दिए उदाहरण में रेखांकित अंश में शब्द-युग्म का प्रयोग हुआ है −
उदाहरण : चाऊतान को गाने-बजाने में आनंद आता है।
उदाहरण के अनुसार निम्नलिखित शब्द-युग्मों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए −
सुख-सुविधा ____________
अच्छा-खासा ____________
प्रचार-प्रसार ____________
आस-पास ____________
अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए रामन् ने अपना योगदान किस तरह दिया? इससे छात्रों को क्या लाभ हुए?
निम्नलिखित उपसर्गों का प्रयोग करके दो-दो शब्द बनाइए −
ला, बिला, बे, बद, ना, खुश, हर, गैर