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निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए: ब्लॉग लेखन में बरतनी जानेवाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए। - Hindi

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Question

निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

ब्लॉग लेखन में बरतनी जानेवाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।

Long Answer

Solution

ब्लॉग लेखन में आवश्यक सावधानियाँ

ब्लॉग लेखन में इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि उसमें मानक भाषा का प्रयोग हो।व्याकरणिक अशुद्‌धियाँ ना हों; लेखन की स्वतंत्रता से तात्पर्य कुछ भी लिखने का अनुमतिपत्र नहीं मिल जाता है। आक्रामकता का अर्थ गाली-गलौज अथवा अश्लील शब्दों का प्रयोग करना नहीं है। पाठक ऐसी भाषा को पसंद नहीं करते। किसी की निंदा करना, किसी पर गलत टिप्पणी करना, समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न करना आदि बातों से ब्लॉग लेखक को दूर रहना चाहिए। बिना सबूत के किसी पर कोई आरोप करना एक गंभीर अपराध है। ऐसा करने से पाठक आपकी कोई भी बात गंभीरता से नहीं पढ़ते और ब्लॉग की आयु अल्प हो जाती है। लेखन करते समय छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए तो पाठक ही हमारे ब्लॉग के प्रचारक बन जाते हैं। एक पाठक दूसरे से सिफारिश करता है, दूसरा तीसरे से और यह श्रृंखला बढ़ती चली जाती है। 

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ब्लॉग लेखन
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Chapter 17: ब्लॉग लेखन - स्वाध्याय [Page 99]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Yuvakbharati 12 Standard HSC Maharashtra State Board
Chapter 17 ब्लॉग लेखन
स्वाध्याय | Q (३) | Page 99

RELATED QUESTIONS

ब्लॉग लेखन सेतात्पर्य ।


ब्लॉग प्रारंभ करने की प्रक्रिया ।


अपने शहर की विशेषताओं पर ब्लॉग लेखन कीजिए।


ग्रामीण समस्याओं पर ब्लॉग लेखन कीजिए।


विपुल पठन, ______ तथा भाषा का समुचित ज्ञान होना आवश्यक है।


भारत में ______ के बाद ‘ब्लॉग लेखन’ आरंभ हुआ।


निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

'ब्लॉग' अपना विचार, अपना मत व्यक्त करने का एक डिजिटल माध्यम है। ब्लॉग के माध्यम से हमें जो कहना है; उसके लिए, 'किसी कीं अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती। ब्लॉग लेखन में शब्दसंख्या का बंधन नहीं होता। अत: हम अपनी बात को विस्तार से रख सकते हैं। ब्लॉग, वेबसाइट, पोर्टल आदि डिजिटल माध्यम हैं। अखबार पत्रिका या पुस्तक हाथ में लेकर पढ़ने की बजाय उसे कम्प्यूटर, टैब या सेलफोन से परदे पर पढ़ना डिजिटल माध्यम कहलाता है। इस प्रकार का वाचन करने वाली पीढ़ी इंटरनेट के महाजाल के कारण निर्माण हुई है। इसके कारण लेखक और पत्रकार भी ग्लोबल हो गए हैं। नवीन वाचकों की संख्या मुद्रित माध्यम के वाचकों से बहुत अधिक हैं। इस वर्ग में युवा वर्ग अधिक संख्या में है। दुनिया की कोई भी जानकारी एक क्षण में ही परदें पर उपलब्ध हो जाती है।

ब्लॉग की खोज:

ब्लॉग की खोज के संदर्भ में निश्चित रूप से कोई डॉक्युमेंटेशन उपलब्ध नहीं है पर जो जानकारी उपलब्ध हैं।

उनके अनुसार जस्टीन हॉल ने सन 1994 में सबसे पहले इस शब्द का प्रयोग किया। जॉन बर्गर ने इसके लिए वेब्लॉग (Weblog) शब्द का प्रयोग किया था। माना जाता है कि सन 1999 में पीटर मेरहोल्स ने 'ब्लॉग' शब्द को प्रस्थापित कर उसे व्यवहार में लाया। भारत में 2002 के बाद 'ब्लॉग लेखन' आरंभ हुआ और देखते - देखते यह माध्यम लोकप्रिय हुआ तथा इसे अभिव्यक्ति के नये माध्यम के रूप में मान्यता भी प्राप्त हुई।

१. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए:   (2)

  1. ब्लॉग क्या है?
  2. डिजिटल माध्यम के उदाहरण बताइए?
  3. ब्लॉग की खोज के संदर्भ में लेखक नें क्या कहा हैं?
  4. सन 1999 में कौन 'ब्लॉग' शब्द कौ प्रस्थापित कर उसे व्यवहार में लाया?

२. निम्नलिखित शब्दों के कृदंत बनाकर लिखिए:   (2)

  1. लगना
  2. बैठना
  3. कहना
  4. छाजना

३. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए:   (2)

ब्लॉग लेखन से तात्पर्य क्या है?


भारत में ब्लॉग लेखन आरंभ हुआ:


ब्लॉग लेखन से यह लाभ भी होता है।


ब्लॉग लेखन में सामाजिक स्वास्थ्य का विचार हो जो ______ न हों।


______ लेखन में शब्दसंख्या का बंधन नहीं होता।


जॉन बर्गर ने ब्लॉग के लिए  ______ शब्द का प्रयोग किया था।


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