HSC Commerce (English Medium)
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HSC Arts (Marathi Medium)
HSC Commerce (Marathi Medium)
Academic Year: 2021-2022
Date & Time: 5th March 2022, 10:30 am
Duration: 3h30m
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कृतिपत्रिका सूचनाएँ:
- सूचना के अनुसार गद्य, पद्य, विशेष अध्ययन व्यावहारिक हिंदी की कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन का ही प्रयोग कौजिए।
- सभी आकृतियों में उत्तर पेन से ही लिखना आवश्यक है।
- व्याकरण विभाग में पूछी गई कृतियों के उत्तरों के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
‘‘वे मुझे बर्दाश्त नहीं कर सकते, यदि मुझपर हँसें नहीं। मेरी मानसिक और नैतिक महत्ता लोगों के लिए असहनीय है। उन्हें उबाने वाली खूबियों का पुंज लोगों के गले के नीचे कैसे उतरे? इसलिए मेरे नागरिक बंधु या तो कान पर उँगली रख लेते हैं या बेवकूफी से भरी हँसी के अंबार के नीचे ढँक देते हैं मेरी बात।’’ शॉ के इन शब्दों में अहंकार की पैनी धार है, यह कहकर हम इन शब्दों की उपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि इनमें संसार का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण सत्य कह दिया गया है। संसार में पाप है, जीवन में दोष, व्यवस्था में अन्याय है, व्यवहार में अत्याचार... और इस तरह समाज पीड़ित और पीड़क वर्गों में बँट गया है। सुधारक आते हैं, जीवन की इन विडंबनाओं पर घनघोर चोट करते हैं। विडंबनाएँ टूटती-बिखरती नजर आती हैं पर हम देखते हैं कि सुधारक चले जाते हैं और विडंबनाएँ अपना काम करती रहती हैं। आखिर इसका रहस्य क्या है कि संसार में इतने महान पुरुष, सुधारक, तीर्थंकर, अवतार, संत और पैगंबर आ चुके पर यह संसार अभी तक वैसा-का-वैसा ही चल रहा है। |
(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)
- संसार में -
- जीवन में -
- व्यवस्था में -
- व्यवहार में -
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए: (२)
- ढेर -
- धारदार -
- शोषक -
- उपहास -
(३) ‘समाजसेवा ही ईश्वरसेवा है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Chapter: [0.06] पाप के चार हथियार
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
बदले वक्त के साथ बदलते समय के नये मूल्यों को भी पहचानकर हमें अपनाना है पर यहाँ ‘पहचान’ शब्द को रेखांकित करो। बिना समझे, बिना पहचाने कुछ भी नया अपनाने से लाभ के बजाय हानि उठानी पड़ सकती है। पश्चिमी दुनिया का हर मूल्य हमारे लिए नये मूल्य का पर्याय नहीं हो सकता। हमारे बहुत-से पुराने मूल्य अब इतने टूट-फूट गए हैं कि उन्हें भी जैसे-तैसे जोड़कर खड़ा करने का मतलब होगा, अपने आधार को कमजोर करना। या यूँ भी कह सकते हैं कि अपनी अच्छी परंपराओं को रूढ़ि में ढालना। समय के साथ अपना अर्थ खो चुकी या वर्तमान प्रगतिशील समाज को पीछे ले जाने वाली समाज की कोई भी रीति-नीति रूढ़ि है, समय के साथ अनुपयोगी हो गए मूल्यों को छोड़ती और उपयोगी मूल्यों को जोड़ती निरंतर बहती धारा परंपरा है, जो रूढ़ि की तरह स्थिर नहीं हो सकती। यही अंतर है दोनों में। रूढ़ि स्थिर है, परंपरा निरंतर गतिशील। एक निरंतर बहता निर्मल प्रवाह, जो हर सड़ी-गली रूढ़ि को किनारे फेंकता और हर भीतरी-बाहरी, देशी-विदेशी उपयोगी मूल्य को अपने में समेटता चलता है। इसीलिए मैंने पहले कहा है कि अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई लाभ नहीं, आज नहीं तो कल, वे जर्जर मूल्य भरहराकर गिरेंगे ही। |
(१) कारण लिखिए: (२)
- बदले वक्त के साथ नए मूल्यों को पहचानकर हमें अपनाना है
- अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई नहीं है
(२) उपर्युक्त गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: (२)
(१) | |
(२) | |
(३) | |
(४) |
(३) ‘बदलते समय के साथ हमारे मूल्यों में भी परिवर्तन आवश्यक है’ इस विषय पर अपना मत ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट कीजिए। (२)
Chapter: [0.08] सुनो किशोरी
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
‘बैजू बावरा संगीत का सच्चा पुजारी है’, इस विचार को स्पष्ट कीजिए।
Chapter: [0.04] आदर्श बदला
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
ओजोन विघटन संकट से बचने के लिए किए गए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को संक्षेप में लिखिए।
Chapter: [0.1] ओजोन विघटन का संकट
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
‘सुनो किशोरी’ पाठ के आधार पर रूढ़ि-परंपरा तथा मूल्यों के बारे में लेखिका के विचार स्पष्ट कीजिए।
Chapter: [0.08] सुनो किशोरी
निम्नलिखित प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ जी के निबंध संग्रहों के नाम लिखिए।
Chapter: [0.06] पाप के चार हथियार
निम्नलिखित प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
सुदर्शन ने इस लेखक की लेखन परंपरा को आगे बढ़ाया है।
Chapter: [0.04] आदर्श बदला
आशारानी व्होरा जी की रचनाएँ लिखिए।
Chapter: [0.08] सुनो किशोरी
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
तेरी गति मिति तूहै जाणहि किआ को आखि वखाणै गगन मै थालु रवि चंदु दीपक बने। |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(२) उचित मिलान कीजिए: (२)
(१) | ईश्वर | काल |
(२) | आकाश | प्रभु |
(३) | समय | खोजता |
(४) | खोज | गगन |
(३) ‘विद्यार्थी जीवन में गुरु का महत्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Chapter: [0.05] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है। परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक। हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए। चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है। |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(१) उत्तर लिखिए: (१)
- परिंदों को यह शिकायत है:
(२) परिणाम लिखिए: (१)
- हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए:
(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए: (२)
- पक्षी - ______
- सपना - ______
- प्रश्न - ______
- उत्तर - ______
(३) ‘व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए’ इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Chapter: [0.09] चुनिंदा शेर (पद्य)
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर ‘पेड़ होने का अर्थ’ कविता का रसास्वादन कीजिए:
- रचनाकार का नाम (१)
- पसंद की पंक्तियाँ (१)
- पसंद आने के कारण (२)
- कविता की केंद्रीय कल्पना (२)
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
जीवन के अनुभवों और वास्तविकता से परिचित कराने वाले वृंद जी के दोहों का रसास्वादन कीजिए।
Chapter: [0.05] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
निम्नलिखित प्रश्न का केवल एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
त्रिलोचन जी के दो काव्य संग्रहों के नाम लिखिए।
Chapter: [0.01] नवनिर्माण (पद्य)
निम्नलिखित प्रश्न का केवल एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
वृंद जी की प्रमुख रचनाएँ लिखिए।
Chapter: [0.05] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
डॉ. मुकेश गौतम जी की रचनाएँ लिखिए।
Chapter: [0.07] पेड़ होने का अर्थ (पद्य)
दोहा छंद की विशेषताएँ बताइए।
Chapter: [0.05] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
नीचे की घाटी से सुनो कनु, सुनो अब इन सूने शिखरों, मृत्यु घाटियों में बने |
(१) संजाल पूर्ण कीजिए: (२)
(२) पद्यांश में आए हुए निम्न शब्दों का चयन परिवर्तन कीजिए: (२)
- बाँह - ______
- सेतु - ______
- लीला - ______
- घाटी - ______
(३) ‘वृक्ष की उपयोगिता’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ४५ शब्दों में लिखिए। (२)
Chapter: [0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
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कनुप्रिया की दृष्टि से जीवन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
Chapter: [0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
‘कवि ने कनुप्रिया के माध्यम से आधुनिक मानव की व्यथा को शब्दबद्ध किया है’, इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
Chapter: [0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
“जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल।” इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए।
Chapter: [0.14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
मैं इस बात का ध्यान रखता हूँ कि कार्यक्रम कोई भी हो, मंच की गरिमा बनी रहे। मंचीय आयोजन में मंच पर आने वाला पहला व्यक्ति संचालक ही होता है। एंकर (उद्घोषक) का व्यक्तित्व दर्शकों की पहली नजर में ही सामने आता है। अतएव उसका परिधान, वेशभूषा, केश सज्जा इत्यादि सहज व गरिमामयी होनी चाहिए। उद्घोषक या एंकर के रूप में जब वह मंच पर होता है तो उसका व्यक्तित्व और उसका आत्मविश्वास ही उसके शब्दों में उतरकर श्रोता तक पहुँचता है। सतर्कता, सहजता और उत्साहवर्धन उसके मुख्य गुण हैं। मेरे कार्यक्रम का आरंभ जिज्ञासाभरा होता है। बीच-बीच में प्रसंगानुसार कोई रोचक दृष्टांत, शेर-ओ-शायरी या कविताओं के अंश का प्रयोग करता हूँ। जैसे- एक कार्यक्रम में वक्ता महिलाओं की तुलना गुलाब से करते हुए कह रहे थे कि महिलाएँ बोलती भी ज्यादा हैं और हँसती भी ज्यादा हैं। बिलकुल खिले गुलाबों की तरह वगैरह ...। जब उनका वक्तव्य खत्म हुआ तो मैंने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि सर आपने कहा कि महिलाएँ हँसती-बोलती बहुत ज्यादा हैं। |
(१) वाक्य पूर्ण कीजिए: (२)
- मंचीय आयोजन में मंच पर आने वाला पहला व्यक्ति ______।
- मेरे कार्यक्रम का आरंभ ______।
- मैं इस बात का ध्यान रखता हूँ कि कार्यक्रम कोई भी हो ______।
- एंकर (उद्घोषक) का व्यक्तित्व दर्शकों की ______।
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में आए हुए प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए: (२)
- व्यक्ति - ______
- सहज - ______
- सतर्क - ______
- गरिमा - ______
(३) ‘व्यक्तित्व विकास में भाषा का महत्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Chapter: [0.16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
फीचर लेखन की विशेषताएँ लिखिए ।
Chapter: [0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:
ब्लॉग लेखन में बरतनी जानेवाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।
Chapter: [0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
विपुल पठन, ______ तथा भाषा का समुचित ज्ञान होना आवश्यक है।
मनन
लेखन
चिंतन
उद्दीपन
Chapter: [0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
विषय का ______ शीर्षक फीचर की आत्मा है।
महत्वपूर्ण
औचित्यपूर्ण
अर्थपूर्ण
ज्ञानपूर्ण
Chapter: [0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
किसी भी कार्यक्रम में मंच ______ की बहुत अहम भूमिका होती है।
नायक
लेखक
अभिभावक
संचालक
Chapter: [0.16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
भारत में ______ के बाद ‘ब्लॉग लेखन’ आरंभ हुआ।
२००२
२००३
२००४
२००५
Chapter: [0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
रविशंकर जी भारत के जाने-माने सितार वादक व शास्त्रीय संगीतज्ञ हैं। उन्होंने बोटल्स व विशेष तौर पर जॉर्ज हैरीसन के सहयोग से भारतीय शास्त्रीय संगीत को, विदेशों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनका जन्म ०७ अप्रैल, १९२० को वाराणसी में हुआ। उनके बड़े भाई उदयशंकर एक प्रसिद्ध शास्त्रीय नर्तक थे। प्रारंभ में रविशंकर जी उनके साथ विदेश यात्राओं पर जाते रहे व कई नृत्य-नाटिकाओं में अभिनय भी किया। १९३८ में उन्होंने नृत्य कों छोड़कर संगीत को अपना लिया व मेहर घराने के उस्ताद अलाउद्दीन खाँ से सितार वादन का प्रशिक्षण लेने लगे। १९४४ में अपनो प्रशिक्षण समाप्त करने के बाद, उन्होंने आई. पी. टी. ए. में दाखिला लिया व बैले के लिए सुमधुर धुनें बनाने लगे। वे ऑल इंडिया रेडियो में वाद्यवृंद प्रमुख भी रहे। १९५४ में उन्होंने सर्वप्रथम सोवियत यूनियन में पहला विदेशी प्रदर्शन दिया। फिर एडिनबर्ग फेस्टिवल के अतिरिक्त रॉयल फे. स्टिवल हॉल में भी प्रदर्शन किया। १९६० के दर्शक में ब्रीटल्स के साथ काम करके उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत की धूम विदेशों तक पहुँचा दी। वे १९८६ से १९९२ तक राज्य सभा के मनोनीत सदस्य रहे। १९९९ में उन्हें भारतरत्न से सम्मानित, किया गया। उन्हें पद्मविभूषण, मैग्सेसे, ग्रेमी, क्रिस्टल तथा फूकुओका आदि अनेक पुरस्कार भी प्राप्त हुए। उनकी पुत्री अनुष्का का जन्म १९८२ में, लंदन में हुआ। अनुष्का का पालन-पोषण दिल्ली व न्यूयार्क में हुआ। अनुष्काने पिता से सितार वादन सीखा व अल्प आयु में ही अच्छा कैरियर बना लिया। वे बहुप्रतिभाशाली कलाकर हैं। उन्होंने पिता को समर्पित करते हुए एक पुस्तक लिखी- ‘बापी, द लव ऑफ माई लाईफ।’ इसके अतिरिक्त उन्होंने एक फिल्म में भरतनाट्यम नर्तकी का रोल भी अदा किया। पंडित रविशंकर जी ने अनेक नए रागों की रचना की। सन् २००० में उन्हें तीसरी बार ग्रेमी-पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पंडित जी ने सही मायने में पूर्व तथा पश्चिमी संगीत के मध्य एक से हेतु कायम किया है। दिसंबर २०१२ में उनका स्वर्गवास हुआ। |
(१) तालिका पूर्ण कीजिए: (२)
रविशंकर जी को प्राप्त पुरस्कार
(१) | |
↓ | |
(२) | |
↓ | |
(३) | |
↓ | |
(४) |
(२) निम्नलिखित शब्दों का लिंग परिवर्तन कीजिए: (२)
- नर्तक - ______
- माता - ______
- पंडिताईन - ______
- पुत्र - ______
(३) ‘संगीत का जीवन में महत्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
Chapter: [0.2] अपठित विभाग
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Invalid
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Interpreter
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Commission
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Paid up
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Friction
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Meteorology
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Output
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
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निम्नलिखित पारिभाषिक शब्द के लिए हिंदी शब्द लिखिए।
Auxiliary Memory
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचनाओं के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए।
मुझे क्षण भर के लिए चौंका दिया था। (सामान्य भूतकाल)
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचनाओं के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए।
मैं इसके परिणाम की प्रतीक्षा करती हूँ। (सामान्य भविष्यकाल)
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचनाओं के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए।
आज ओजोन छतरी का अस्तित्व ही संकट में पड़ गया है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचनाओं के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए।
एक दुख की बात बताने जा रहा था। (अपूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।
चरण-सरोज पखारन लागा।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।
जान पड़ता है नेत्र देख बड़े-बड़े।
हीरकों में गोल नीलम हैं जड़े।।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ती में उद्धृत अलंकार पहचान कर उसका नाम लिखिए:
हनुमंत की पूँछ में लग न पाई आग।
लंका सगरी जल गई, गए निशाचर भाग।।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत अलंकार के नाम पहचानकर लिखिए।
करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात है, सिल पर पड़त निसान।।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।
माला फेरत जुग भया, गया न मन का फेर।
कर का मनका डारि कैं, मन का मनका फेर।।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।
कहा - कैकयी ने सक्रोध
दूर हट! दूर हट! निर्बोध!
द्विजिव्हे रस में, विष मत घोल।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।
तू दयालु दीन हौं, तू दानि हौं भिखारि।
हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप पुंजहारि।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित पंक्ति में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए।
सिर पर बैठो काग, आँखि दोऊ खात
खींचहि जींभहि सियार अतिहि आनंद उर धारत।
गिद्ध जाँघ के माँस खोदि-खोदि खात, उचारत हैं।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए।
तूती बोलना
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए।
ढाँचा डगमगा उठना
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए।
जहर का घूँट पीना
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए।
बात का धनी
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए।
इस खुशी में फूल झुम रहे थे।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए।
निराला जी अपने शरीर, जीवन और साहीत्य सभी में असाधारण हैं।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए।
नये मुल्यों का नीर्माण करना है।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए।
मैंने फीर चूप रहना ही उचित समझा।
Chapter: [0.19] भाषा अध्ययन (व्याकरण)
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