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Question
निम्नलिखित में धर्मनिरपेक्षता का कौन-सा सिद्धान्त भारत के संविधान में अपनाया गया है।
Options
राज्य का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
राज्य का धर्म से नजदीकी रिश्ता है।
राज्य धर्मों के बीच भेदभाव कर सकता है।
राज्य धार्मिक समूहों के अधिकार को मान्यता देगा।
राज्य को धर्म के मामलों में हस्तक्षेप करने की सीमित शक्ति होगी।
Solution
राज्य का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
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निम्नलिखित प्रसंगों के आलोक में भारतीय संविधान और पश्चिमी अवधारणा में अन्तर स्पष्ट करें-
- धर्मनिरपेक्षता की समझ
- अनुच्छेद 370 और 371
- सकारात्मक कार्य-योजना या अफरमेटिव एक्शन
- सार्वभौम वयस्क मताधिकार।
यह चर्चा एक कक्षा में चल रही थी। विभिन्न तर्को को पढे और बताएँ कि आप इनमें से किससे सहमत हैं और क्यों?
जएश – मैं अब भी मानता हूँ कि हमारा संविधान एक उधार का दस्तावेज है।
सबा – क्या तुम यह कहना चाहते हो कि इसमें भारतीय कहने जैसा कुछ है ही नहीं? क्या
मूल्यों और विचारों पर हम ‘भारतीय’ अथवा ‘पश्चिमी’ जैसा लेबल चिपको सकते हैं? महिलाओं और पुरुषों की समानता का ही मामला लो। इसमें पश्चिमी’ कहने जैसी क्या है? और, अगर ऐसा है भी तो क्या हम इसे महज पश्चिमी होने के कारण खारिज कर दें?
जएश – मेरे कहने का मतलब यह है कि अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई लड़ने के बाद क्या हमने उनकी संसदीय शासन की व्यवस्था नहीं अपनाई?
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भारतीय संविधान की एक सीमा यह है कि इसमें लैंगिक - न्याय पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। आप इस आरोप की पुष्टि में कौन-से प्रमाण देंगे? यदि आज आप संविधान लिख रहे होते, तो इस कमी को दूर करने के लिए उपाय के रूप में किन प्रावधानों की सिफारिश करते?