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निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलक्षण क्रिस्टलीय ठोस का नही है? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलक्षण क्रिस्टलीय ठोस का नही है?

Options

  • निश्चित एवं अभिलक्षणिक संगलन ऊष्मा

  • समदैशिक प्रकृति

  • संपूर्ण क्रिस्टल में अवयवी कणों की व्यवस्था का एक नियमित एवं पुनरावृत्त पैटर्न

  • एक वास्तविक ठोस

MCQ

Solution

समदैशिक प्रकृति

स्पष्टीकरण -

क्रिस्टलीय ठोस विषमदैशिक प्रकृति के होते हैं अर्थात्‌ उनके कुछ भौतिक गुण जैसे विद्युतीय प्रतिरोधकता और अपवर्तनांक एक ही क्रिस्टल में भिन्‍न-भिन्‍न दिशाओं में मापने पर भिन्न-भिन्न मान प्रदर्शित करते हैं। यह अलग-अलग दिशाओं में कणों की भिन व्यवस्था से उत्पन्न होता है।

क्रिस्टल में अनिसोट्रॉपी अलग-अलग दिशाओं में कणों की अलग-अलग व्यवस्था के कारण होती है।

आइसोट्रॉपी: अक्रिस्टलीय पदार्थों के मामले में, विद्युत चालकता, अपवर्तक सूचकांक, तापीय विस्तार आदि जैसे गुण सभी दिशाओं में समान होते हैं जैसे गैसों या तरल पदार्थों के मामले में। इस संपत्ति को आइसोट्रॉपी कहा जाता है और इस संपत्ति को दिखाने वाले पदार्थ आइसोट्रोपिक कहलाते हैं।

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अक्रिस्टलीय एवं क्रिस्टलीय ठोस
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Chapter 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [Page 1]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q I. 2. | Page 1

RELATED QUESTIONS

‘अक्रिस्टलीय' पद को परिभाषित कीजिए। अक्रिस्टलीय ठोसों के कुछ उदाहरण दीजिए।


निम्नलिखित को अक्रिस्टलीय तथा क्रिस्टलीय ठोसों में वर्गीकृत कीजिए।

पॉलियूरिथेन, नैफ्थेलीन, बेन्जोइक अम्ल, टेफ्लॉन, पोटैशियम नाइट्रेट, सेलोफेन, पॉलिवाइर्निल क्लोराइड, रेशा काँच, ताँबा।


निम्नलिखित में से कौन-सा एक अक्रिस्टलीय ठोस है?


क्वार्ट्ज काँच के आपवर्तनांक के मान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?


अक्रिस्टलीय ठोसों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?


क्रिस्टलीय ठोसों के निश्चित गलनांक का कारण है ______।


अक्रिस्टलीय ठोसों को ______ कह सकते हैं।

  1. छद्म ठोस
  2. वास्तविक ठोस
  3. अतिशीतित द्रव
  4. अतिशीतित ठोस

क्वार्ट्ज़ काँच के निम्नलिखित में से कौन से अभिलक्षण नहीं होते?

(i) यह एक क्रिस्टलीय ठोस होता है।

(ii) सभी दिशाओं में इसका अपवर्तनांक समान होता है।

(iii) इसकी गलन की ऊष्मा निश्चित होती है।

(iv) इसे अतिशीतित द्रव भी कहते हैं।


कणों का दीर्घ परास व्यवस्था क्रम होने पर भी सामान्यत: क्रिस्टल आदर्श क्यों नहीं होते?


अक्रिस्टलीय ठोस किन परिस्थितियों में क्रिस्टलीय ठोस में परिवर्तित हो जाता है?


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