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Chapters
2: विलयन
3: विद्युत् रसायन
4: रासायनिक बलगतिकी
5: पृष्ठ रसायन
Chapter 6: तत्वों के पृथक्करण के सामान्य सिद्धांत एवं प्रक्रम
Chapter 7: p-ब्लॉक तत्व
Chapter 8: d-एवं f-ब्लॉक तत्व
9: उपसहसंयोजन यौगिक
10: हैलोऐल्केन तथा हैलोऐरीन
11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
Chapter 12: ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोकिसलिक अम्ल
Chapter 13: ऐमीन
Chapter 14: जैव अणु
Chapter 15: बहुलक
Chapter 16: दैनिक जीवन मे रसायन
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Solutions for Chapter 1: ठोस अवस्था
Below listed, you can find solutions for Chapter 1 of CBSE NCERT Exemplar for Chemistry [Hindi] Class 12.
NCERT Exemplar solutions for Chemistry [Hindi] Class 12 1 ठोस अवस्था अभ्यास [Pages 1 - 14]
बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप - I)
निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति किसी पदार्थ की ठोस अवस्था के अस्तत्व के लिए अनुकूल है?
उच्च ताप
निम्न ताप
उच्च ऊष्मीय ऊर्जा
दुर्बल ससंजक बल
निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलक्षण क्रिस्टलीय ठोस का नही है?
निश्चित एवं अभिलक्षणिक संगलन ऊष्मा
समदैशिक प्रकृति
संपूर्ण क्रिस्टल में अवयवी कणों की व्यवस्था का एक नियमित एवं पुनरावृत्त पैटर्न
एक वास्तविक ठोस
निम्नलिखित में से कौन-सा एक अक्रिस्टलीय ठोस है?
ग्रेफाइट (C)
क्वार्ट्ज कॉंच (SiO2)
क्रोम ऐलम
सिलिकन कार्बाइड (SiC )
निम्नलिखित में से कौन-सी व्यवस्था प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थ के चुंबकीय आघूर्ण के व्यवस्थित सरेखण को प्रदर्शित करती है?
क्वार्ट्ज काँच के आपवर्तनांक के मान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?
सभी दिशाओं में समान होता है।
भिन्न-भिन्न दिशाओं में भिन्न होता है।
मापा नहीं जा सकता।
हमेशा शून्य होता है।
अक्रिस्टलीय ठोसों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
गरम करने से किसी एक ताप पर ये क्रिस्टलीय बन सकते हैं।
लम्बे समय तक रखने से ये क्रिस्टलीय बन सकते हैं।
अक्रिस्टलीय ठोसों को गरम करके साँचे में ढाला जा सकता है।
यह विषमदैशिक प्रकृति के होते हैं।
क्रिस्टलीय ठोसों के निश्चित गलनांक का कारण है ______।
क्रिस्टलीय जालक में अवयवी कणों की नियमित व्यवस्था लघु परास तक प्रेक्षित होना।
क्रिस्टलीय जालक में अवयवी कणों की नियमित व्यवस्था दीर्घपरास तक प्रेक्षित होना।
विभिन्न दिशाओं में अवयवी कणों की समान व्यवस्था।
विभिन्न दिशाओं में अवयवी कणों की भिन्न व्यवस्था।
क्रिस्टल जालक में आयोडीन के अणु ______ द्वारा बंधे रहते हैं।
लंडन बल
द्विध्रुव-द्विधुव अन्योन्य क्रिया
सहसंयोजक आबध
कूलॉम बल
निम्नलिखित में से कौन-सा जालक (नेटवर्क) ठोस है?
SO2 (ठोस)
I2
हीरा
H2O (बर्फ)
निम्नलिखित में से कौन-सा ठोस विद्युत् का चालक नहीं है?
- Mg (s)
- TiO (s)
- I2 (s)
- H2O (s)
केवल Mg (s)
केवल TiO (s)
I2 (s) एवं H2O (s)
TiO (s), I2 (s) एवं H2O (s)
निम्नलिखित में से कौन-सा आयनिक ठोसों का अभिलक्षण नहीं है?
गलित अवस्था में विद्युत् चालकता का बहुत कम मान
भंगुर प्रकृति
अन्योन्य क्रिया में अत्यधिक प्रबल बल
विषमदैशिक प्रकृति
ग्रैफ़ाइट ______ की उपस्थिति के कारण विद्युत् का सुचालक है।
एकाकी इलेक्ट्रॉन युगल
मुक्त संयोजी इलेक्ट्रॉन
धनायन
ऋणायन
निम्नलिखित मे से कौन-से आँक्साइड का विद्युत् सुचालक अथवा विद्युत्रोधी होना ताप पर निर्भर करता है?
TiO
SiO2
TiO3
MgO
निम्नलिखित में से कौन-सा ऑक्साइड धातुओं के समान वैद्युतीय गुण प्रदर्शित करता है?
SiO2
MgO
SO2 (s)
CrO2
किसी शुद्ध क्रिस्टल में जालक स्थल ______ द्वारा अध्यासित नहीं हो सकता?
अणु
आयन
इलेक्ट्रॉन
परमाणु
ग्रैफ़ाइट को किस रूप में वर्गीकृत नहीं कर सकते?
चालक ठोस
जालक ठोस
सहसंयोजक ठोस
आयनिक ठोस
______ में धनायन अन्तरकाशी स्थल में उपस्थित होते हैं।
फ्रेंकेल दोष
शॉट्की दोष
रिक्तिका दोष
धातु न्यूनता दोष
क्रिस्टलों में शॉट्की दोष तब प्रेक्षित होता है जब ______।
कुछ धनायन अपने जालक स्थानों से निकलकर अन्तराकाशी स्थानों में अध्यासित हो जाते हैं।
जालक से समान संख्या में धनायन एवं ऋणायन अनुपस्थित होते हैं।
कुछ जालक स्थल इलेक्ट्रॉनों द्वारा अध्यासित होते हैं।
जालक में कोई अशुद्धि उपस्थित होती है।
p -प्रकार के अर्धचालक द्वारा उपार्जत आवेश के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही है?
धनात्मक
उदासीन
ऋणात्मक
p अशुद्ध की सांद्रता पर निर्भर करता है
सिलिकन से n -प्रकार का अर्धचालक प्राप्त करने के लिए, किस संयोजकता वाले पदार्थ को इसमें अपमिश्रित करना चाहिए?
2
1
3
5
फलक केंद्रित एकक कोष्ठिका में चतुष्फलकीय रिक्तियों की कुल संख्या ______ होती है।
6
8
10
12
AgBr (s) क्रिस्टल द्वारा निम्नलिखित में से कौन-से बिन्दु दोष प्रदर्शित किए जाते हैं?
- शॉट्की दोष
- फ्रेंकेल दोष
- धातु आधिक्य दोष
- धातु न्यूनता दोष
(A) एवं (B)
(C) एवं (D)
(A) एवं (C)
(B) एवं (D)
किस युगल में सर्वाधिक संकुलन क्षमता है?
hcp तथा bcc
hcp तथा ccp
bcc तथा ccp
bcc तथा सरल घनीय कोष्ठिका
अंतः केंद्रित घनीय व्यवस्था में रिक्त स्थान का प्रतिशत ______ होता है।
74
68
32
26
षट्कोणीय निविड संकुलन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
उपसहसंयोजन संख्या 12 होती है।
इसमें संकुलन क्षमता 74% होती है।
द्वितीय परत की चतुष्फलकीय रिक्तिकाएँ, तृतीय परत के गोलों द्वारा आच्छादित रहती हैं।
इस प्रकार की व्यवस्था में चतुर्थ परत के गोले, प्रथम परत के गोलों से पूर्णतः सरंखित होते हैं।
निम्नलिखित में से किस संकुलित संरचना में धनायन तथा ऋर्णायन के लिए उपसहसंयोजन संख्या समान होगी?
Cl आयन fcc जालक बनाते हैं और Na+ आयन एकक कोष्ठका की सभी अष्टफलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं।
Ca2+ आयन fcc जालक बनाते हैं और F अयन एकक कोष्ठिका की सभी आठ चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं।
O2− आयन fcc जालक बनाते हैं और Na+ आयन एकक कोष्ठिका की सभी आठ चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं।
- S2− आयन fcc जालक बनाते हैं और Zn2+ आयन एकक कोष्ठिका की एकांतर चतुष्फलकीय रिक्तिका में स्थान लेते हैं।
द्विविमीय वर्ग निविड संकुलित संरचना में उपसहसंयोजन संख्या क्या होती है?
2
3
4
6
अपमिश्रण से किस प्रकार का द्रोष उत्पन्न होता है?
प्रभ्रंश दोष
शॉट्की द्रेष
फेकेल द्षेष
इलेक्ट्रॉनीय दोष
सिलिकन में इलेक्टून धनी अशुद्धि को अपमिश्रित करने पर ______ बनता है।
p -प्रकार का अध्चचालक
n-प्रकार का अध्चचालक
आतर-अध्चालक
कुचालक
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
चुम्बकीय क्षेत्र में अनुचुम्बकीय पद्राथों का क्षीण आकर्षण होता है।
लोहचुम्बकीय पदार्थों को स्थायी रूप से चुम्बकत्व प्रदान नहीं किया जा सकता।
प्रतिलोहचुम्बकीय पदार्थों में डोमेन परस्पर विपरीत अभिविन्यासित रहते हैं।
प्रतिचुम्बकीय पदार्थों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन उनके चुम्बकीय आधूर्ण को आपस में निरस्त कर देता है।
आयनिक ठोसों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
बड़े आयन निविड संकुलित संरचना बनाते हैं।
छोटे आयन अपने आकार के अनुसार चतुष्फलकीय अथवा अष्टफलकीय रिक्तियों में अध्यासित होते हैं।
सभी रिक्तियाँ अध्यासित होना आवश्यक नहीं होता।
चतुष्फलकीय तथा अष्टफलकीय रिक्तियों का अध्यासित अंश, रिक्तियों में अध्यासित होने वाले आयमनों की त्रिज्या पर निर्भर करता है।
लोहचुम्बकीय पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर स्थायी चुम्बक बन जाता है क्योंकि ______।
सभी डोमेन चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
सभी डोमेन चुम्बकीय क्षेत्र के विपरीत दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
डोमेन यादृच्चिक रूप से अभिविन्यासित हो जाते हैं।
डोमेन चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा प्रभावित नहीं होते।
विभिन्न प्रकार की एकक कोष्ठिकाओं में संकुलन क्षमता का सही क्रम ______ है।
fcc < bcc < सामान्य घनीय
fcc > bcc > सामान्य घनीय
fcc < bcc > सामान्य घनीय
bcc < fcc > सामान्य घनीय
निम्नलिखित में से कौन-सा दोष प्रभंश दोष भी कहलाता है?
फ्रेंकेल दोष
शॉट्की दोष
नॉन-स्टॉइक्कयोमीट्री दोष
सामान्य अंतरालीय दोष
घनीय निविड संकुलन की एकक कोष्ठिका ________।
चार चतुष्फलकीय रिक्तियाँ होती हैं जो चार समीपवर्ती एकक कोष्ठिकाओं द्वारा सहभाजित होती हैं।
एकक कोष्ठिका के भीतर चार चतुष्फलकीय रिक्तियाँ होती हैं।
आठ चतुष्फलकीय रिक्तियाँ होती हैं जो चार समीपवर्ती एकक कोष्ठिकाओं द्वारा सहभाजित होती हैं।
एकक कोष्ठिका के भीतर आठ चतुष्फलकीय रिक्तियाँ होती हैं।
fcc, bcc तथा सामान्य घनीय एकक कोष्ठिका में गोलों की त्रिज्या के रूप में एकक कोष्ठिका के किनारे की लम्बाई क्रमशः ______ होती है।
`2sqrt2"r", (4"r")/sqrt3,` 2r
`(4"r")/sqrt3, 2sqrt2 "r", 2"r"`
`2"r", 2sqrt2 "r", (4"r")/sqrt3`
`"2r", (4"r")/sqrt3, 2sqrt2`r
निम्नलिखित में से ठोसों में चालकता का सही क्रम कौन-सा है?
`κ_"धातु" ">>" κ_"कुचालक" "<" κ_"अर्धचालक"`
`κ_"धातु" "<<" κ_"कुचालक" "<" κ_"अर्धचालक"`
`κ_"धातु" ≃ κ_"अर्धचालक" ">" κ_"कुचालक" = "शून्य"`
`κ_"धातु" < κ_"अर्धचालक" ">" κ_"कुचालक" ne "शून्य"`
बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप - II) नोट - निम्नलिखित प्रश्नों में दो या इससे अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।
त्रिविमीय षट्कोणीय निविड संकुलित संरचना में बनाने वाली रिक्तिकाओं के बारे में कौन-से कथन सही नहीं हैं।
- जब प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्ति के ऊपर द्वितीय परत के गोले उपस्थित होते हैं तो चतुष्फलकीय रिक्ति बनती है।
-
सभी त्रिकोणीय रिक्तियाँ, द्वितीय परत के गोलों द्वारा आच्छादित नहीं होतीं।
- जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ, प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्तियों के ठीक ऊपर हों और इन रिक्तियों की त्रिकोणीय आकतियाँ अतिव्यापित न हों तो चतुष्फलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।
- जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ प्रथम परत की समान रिक्तियों के साथ अतिव्यापक करती हैं तो अष्टफलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।
प्रतिलोहचुम्बकीय पदार्थ के लिए चुम्बकीय आघूर्ण का मान शून्य होता है। क्योंकि डोमेन ______।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की विपरीत दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- चुम्बकीय क्षेत्र के अनुप्रयोग के बिना एक-दूसरे के विपरीत अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- एक-दूसरे के चुम्बकीय आघूर्ण को निरस्त कर देते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य नहीं हैं?
- रिक्तिका दोष से पदार्थ का घनत्व कम होता है।
- अंतराकाशी दोष से पदार्थ का घनत्व बढढता है।
- अशुद्ध दोष का पदार्थ के घनत्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
- फ्रेंकल दोष पदार्थ के घनत्व में वृद्धि का परिणाम है।
धातु के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- संयोजकता बैंड, चालन बैंड के साथ अतिव्यापित होता है।
- संयोजकता बैंड और चालन बैंड के बीच अंतराल नगण्य होता है।
- संयोजकता बैंड तथा चालन बैंड के बीच के अंतराल को निर्धारित नहीं किया जा सकता।
- संयोजकता बैंड आंशिक रूप में भी भरा हो सकता है।
विद्युत् क्षेत्र के प्रभाव में, p -प्रकार के अर्धचालक के लिए, इलेक्ट्रॉनों तथा छिद्रों के गमन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
- इलेक्ट्रॉन, इलेक्ट्रॉन छिद्र में से होकर धनावेशित प्लेट की ओर गमन करता है।
- इलेक्टॉन छिद्र का गमन ऋणावेशित प्लेट की ओर प्रतीत होता है।
- इलेक्ट्रॉन तथा छिद्र तथा दोनों धनावेशित प्लेट की दिशा में गमन करते प्रतीत होते हैं।
- इलेक्ट्रॉनों के गमन तथा छिद्रों के गमन में कोई संबंध नहीं होता।
अर्धचालकों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं।
- इलेक्ट्रॉन धनी अशुद्धि से अपमिश्रित सिलिकन एक p -प्रकार का अर्धचालक होता है।
- इलेक्रॉन धनी अशुद्ध से अपमिश्रित सिलिकन n -प्रकार का अर्धचालक होता है।
- विस्थानीकृत इलेक्ट्रॉन अपमिश्रित सिलिकन की चालकता बढ़ाते हैं।
- लेक्ट्रॉन रिक्तिका n- प्रकार अर्धचालक की चालकता बढ़ाती है
KCl क्रिस्टल में पोटैशियम आयनों का आधिक्य उसमें बैंगनी अथवा कुमुदनी रंग उत्पन्न करता है क्योंकि ______.
- कुछ ऋणायनी स्थल एक अयुगलित इलेक्ट्रॉन द्वारा घिरे रहते हैं।
- कुछ ऋणायनी स्थल, एक इलेक्ट्रॉन युगल द्वारा घिरे रहते हैं।
- कुछ ऋणायनी स्थलों पर रिक्तिकाएँ होती हैं।
- F-केंद्र बनते हैं जो क्रिस्टल को रंग प्रदान करते हैं।
NaCl क्रिस्टल की एकक कोष्ठिका में चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं की संख्या ______ होती है।
- 4
- 8
- अष्टफलकीय रिक्तिका से दुगनी
- अष्टफलकीय रिक्तिका से चार गुनी
अक्रिस्टलीय ठोसों को ______ कह सकते हैं।
- छद्म ठोस
- वास्तविक ठोस
- अतिशीतित द्रव
- अतिशीतित ठोस
सिलिकन के आदर्श क्रिस्टल चित्र में कुछ तत्व डोपित किए गए जैसा कि विकल्पों में दर्शाया गया है। इनमें से कौन-से विकल्प n -प्रकार के अर्धचालक दर्शाते है?
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व त्याग देते हैं और अनुचुंबकीय बन जाते हैं।
- लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व नहीं छोड़ते और लोहचुंबकीय बने रहते हैं।
- प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थों की डोमेन संरचनाएँ लोहचुंबकीय पदार्थों के समान होती हैं और उनके चुंबकीय आघूर्ण परस्पर निरस्त नहीं होते।
- लोहचुंबकीय पदार्थों में सभी डोमेन चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में उन्मुख हो जाते हैं और चुंबकीय क्षेत्र को हटाने के बाद भी ऐसे ही बने रहते हैं।
क्वार्ट्ज़ काँच के निम्नलिखित में से कौन से अभिलक्षण नहीं होते?
(i) यह एक क्रिस्टलीय ठोस होता है।
(ii) सभी दिशाओं में इसका अपवर्तनांक समान होता है।
(iii) इसकी गलन की ऊष्मा निश्चित होती है।
(iv) इसे अतिशीतित द्रव भी कहते हैं।
निम्नलिखित में से किन्हें आण्विक ठोस नहीं माना जा सकता?
- SiC (सिलिकन कार्बाइड)
- AIN
- हीरा
- I2
निम्नलिखित में से किस व्यवस्था में अष्टफलकीय रिक्तिका बनती है?
- hcp
- bcc
- सामान्य घनीय
- fcc
फ़्रेंकेल दोष को यह भी कहते हैं-
- स्टॉइकियोमीट्री दोष
- प्रभ्रंश दोष
- अशुद्ध दोष
- नॉन-स्टॉइकियोमीट्री दोष
निम्नलिखित में से कौन-से दोषों से घनत्व घटता है?
- अन्तराकाशी दोष
- रिक्तिका दोष
- फ्रेंकेल दोष
- शॉट्की दोष
लघु उत्तर प्रश्न
द्रवों तथा गैसों को तरल के रूप में वर्गीकृत क्यों किया गया है?
ठोस असम्पीड्य क्यों होते हैं?
कणों का दीर्घ परास व्यवस्था क्रम होने पर भी सामान्यत: क्रिस्टल आदर्श क्यों नहीं होते?
सामान्य लवण, NaCl, कभी-कभी पीला क्यों दिखाई देता है?
FeO(s) इस स्टॉइकियोमीट्री संघटन में क्यों नहीं मिलता?
गरम करने पर शवेत ZnO(s) पीला क्यों हो जाता है?
अर्धचालकों की चालकता ताप बढ़ाने के साथ-साथ क्यों बढ़ती जाती है?
गैलियम से डोपित (अपमिश्रित) करने पर जर्मेनियम क्रिस्टलों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?
एक यौगिक में नाइट्रोजन (N) के परमाणु घनीय निविड संकुलित संरचना बनाते हैं और धातु के परमाणु (M) एक तिहाई चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं। M एवं N द्वारा बने यौगिक का सूत्र ज्ञात कीजिए?
अक्रिस्टलीय ठोस किन परिस्थितियों में क्रिस्टलीय ठोस में परिवर्तित हो जाता है?
सुमेलन प्ररूप प्रश्न नोट- निम्नलिखित प्रश्नों में कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए। कुछ प्रश्नों में कॉलम I और कॉलम II के एक से अधिक मदों में सुमेलन संभव हो सकता है।
कॉलम I में दिए गए दोषों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) सामान्य रिक्तिका दोष | (a) आयन रहित ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है औरठोस के घनत्व में वृद्धि होती है। |
(ii) सामान्य अन्तराकाशी दोष | (b) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस के घनत्व में कमी आती है। |
(iii) फ्रेंकेल दोष |
(c) आयन रहित ठोसों द्वारा द्शाया जाता है और ठोस का घनत्व कम हो जाता है। |
(iv) शॉट्की दोष |
(d) आयनिक ठोसों द्वारा दर्शाया जाता है और ठोस का घनत्व समान बना रहता है। |
कॉलम I में दिए गए एकक कोष्ठिका के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए गुणों से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) आद्य घनीय एकक कोष्ठिका | (a) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: भिन्न होती है यानी a ≠ b ≠ c |
(ii) अंत: केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका | (b) प्रति एकक कोष्ठिका में परमाणुओं की संख्या एक होती है। |
(iii) फलक केंद्रित घनीय एकक कोष्ठिका | (c) तीनों लम्बवत कोरों की कोर लम्बाई अनिवार्यत: एकसमान होती है यानी a = b = c |
(iv) अंत्य केंद्रित विषमलंबाक्ष एकक कोष्ठिका |
(d) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या एक होती है। |
(e) कोनों पर स्थित परमाणुओं के योगदान के अतिरिक्त एक एकक कोष्ठिका में उपस्थित परमाणुओं की संख्या तीन होती है। |
कॉलम I में दिए गए दोषों के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए कथनों से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) अशुद्ध दोष | (a) वह NaCl जिसमें F-केंद्र नामक ऋणायनिक स्थल उपस्थित हों |
(ii) धातु आधिक्य दोष | (b) Fe3+ युक्त FeO |
(iii) धातु न्यूनता दोष | (c) Sr2+ युक्त NaCl जिसमें कुछ धनायनी स्थल रिक्त हों |
कॉलम I और कॉलम II में दिए गए मदों को सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) ठोस अवस्था में Mg | (a) p -प्रकार का अर्धचालक |
(ii) गलित अवस्था में MgCl2 | (b) n -प्रकार का अर्धचालक |
(iii) फ़ॉस्फ़ोरस युक्त सिलिकन | (c) विद्युत्अपघटनी चालक |
(iv) बोरॉन युक्त जर्मेनियम | (d) इलेक्ट्रॉनिक चालक |
कॉलम I में दिए गए संकुलन के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए मदों से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) द्विविमा में वर्गीय निविड संकुलन | (a) त्रिकोणीय रिक्ति |
(ii) द्विविमा में षट्कोणीय निविड संकुल | (b) प्रत्येक चौथी परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है। |
(iii) त्रिविमा में षट्कोणीय निविड संकुलन | (c) उपसहसंयोजन संख्या 4 |
(iv) त्रिविमा में घनीय निविड संकुलन |
(d) एकान्तर परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है । |
अभिकथन एवं तर्क प्ररूप प्रश्न नोट- निम्नलिखित प्रश्नों में अभिकथन के पश्चात संगत तर्क का कथन दिया है। निम्नलिखित विकल्पों में से कथन का चयन करके सही उत्तर दीजिए।
अभिकथन - सरल घनीय संरचना की एकक कोष्ठका से कुल एक परमाणु संबंधित होता है।
तर्क - सरल घनीय एकक कोष्ठका में परमाणु कोनों पर होते हैं जो कि प्रत्येक आठ निकटवर्ती एकक कोष्ठकाओं से सहभाजित रहते हैं।
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
अभिकथन - ग्रैफ़ाइट विद्युत् का चालक होता है जबकि हीरा कुचालक होता है।
तर्क - ग्रैफ़ाइट मुलायम होता है जबकि हीरा बहुत कठोर एवं भंगुर होता है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
अभिकथन - घनीय निविड संकुलन की एकक कोष्ठिका में काय केंद्र में उपस्थित एक रिक्ति सहित कुल अष्टफलकीय रिक्तियों की संख्या चार होती है।
तर्क - काय केंद्र के अतिरिक्त एकक कोष्ठिका के प्रत्येक छः फलकों के केंद्र में एक अष्टफलकीय छिद्र होता है जो कि दो निकटवर्ती एकक कोष्ठिकाओं के द्वारा सहभाजित रहता है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
अभिकथन - fcc की संकुलन क्षमता अधिकतम होती है।
तर्क - fcc संरचना में उपसहसंयोजन संख्या 12 होती है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
अभिकथन - अर्धचालक, 10-6 से 104 ohm-1 m-1 मध्यवर्ती परास की चालकता युक्त ठोस होते हैं।
तर्क - अर्धचालकों की मध्यवर्ती चालकता आंशिक रूप से भरे संयोजकता बैंड के कारण होती है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।
अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।
दीर्घ उत्तर प्रश्न
नामांकित चित्र की सहायता से दर्शाइए कि घनीय निविड संकुलित संरचना में प्रत्येक एकक कोष्ठिका में अष्टफलकीय रिक्तियों की संख्या चार होती है।
दर्शाइए कि घनीय निविड संकुलित संरचना में प्रति एकक कोष्ठिका आठ चतुष्फलकीय रिक्तियाँ उपस्थित होती हैं।
डोपिंग से अर्धचालकों की चालकता क्यों बढ़ जाती है?
फेरस ऑक्साइड के एक नमूने का वास्तविक सूत्र Fe0.93 O1.00 है। इस नमूने में Fe2+ धातु आयनों का अंश कितना है? इसमें किस प्रकार का नॉनस्टॉइकियोमितीय दोष है?
Solutions for 1: ठोस अवस्था
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