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Question
प्रतिलोहचुम्बकीय पदार्थ के लिए चुम्बकीय आघूर्ण का मान शून्य होता है। क्योंकि डोमेन ______।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की विपरीत दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- चुम्बकीय क्षेत्र के अनुप्रयोग के बिना एक-दूसरे के विपरीत अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- एक-दूसरे के चुम्बकीय आघूर्ण को निरस्त कर देते हैं।
Solution
(iii) चुम्बकीय क्षेत्र के अनुप्रयोग के बिना एक-दूसरे के विपरीत अभिविन्यासित हो जाते हैं।
(iv) एक-दूसरे के चुम्बकीय आघूर्ण को निरस्त कर देते हैं।
स्पष्टीकरण -
प्रतिलोहचुंबकत्व प्रदर्शित करने वाले पदार्थ जैसे MnO में डोमेन संरचना लोहचुंबकौय पदार्थ के सदृश होती है, परंतु उनके डोमेन एक दूसरे के विपरीत अभिविन्यासित होते हैं तथा एक दूसरे के चुंबकीय आधूर्ण को निरस्त कर देते हैं।
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किस प्रकार के पदार्थों से अच्छे स्थायी चुम्बक बनाए जा सकते हैं, लौहचुम्बकीय अथवा फेरीचुम्बकीय? अपने उत्तर का औचित्य बताइए।
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
लोहचुंबकत्व
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
अनुचुंबकत्व
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
फेरीचुंबकत्व
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
प्रतिलोहचुंबकत्व
निम्नलिखित में से कौन-सी व्यवस्था प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थ के चुंबकीय आघूर्ण के व्यवस्थित सरेखण को प्रदर्शित करती है?
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
लोहचुम्बकीय पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर स्थायी चुम्बक बन जाता है क्योंकि ______।
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