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Question
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
फेरीचुंबकत्व
Solution
जब पदार्थ में डोमेनों के चुम्बकीय आघूर्णो का संरेखण समान्तर एवं प्रतिसमान्तर दिशाओं में असमान होता है, तब पदार्थ में फेरीचुम्बकत्व देखा जाता है। ये लोहचुम्बकत्व की तुलना में चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा दुर्बल रूप से आकर्षित होते हैं। Fe3O4 (मैग्नेटाइट) और फेराइट जैसे MgFe2O4, ZnFe2O4, ऐसे पदार्थों के उदाहरण हैं। ये पदार्थ गर्म करने पर फेरीचुम्बकत्व खो देते हैं और अनुचुम्बकीय बन जाते हैं।
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किस प्रकार के पदार्थों से अच्छे स्थायी चुम्बक बनाए जा सकते हैं, लौहचुम्बकीय अथवा फेरीचुम्बकीय? अपने उत्तर का औचित्य बताइए।
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
लोहचुंबकत्व
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
अनुचुंबकत्व
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
प्रतिलोहचुंबकत्व
निम्नलिखित में से कौन-सी व्यवस्था प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थ के चुंबकीय आघूर्ण के व्यवस्थित सरेखण को प्रदर्शित करती है?
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
लोहचुम्बकीय पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर स्थायी चुम्बक बन जाता है क्योंकि ______।
प्रतिलोहचुम्बकीय पदार्थ के लिए चुम्बकीय आघूर्ण का मान शून्य होता है। क्योंकि डोमेन ______।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की विपरीत दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- चुम्बकीय क्षेत्र के अनुप्रयोग के बिना एक-दूसरे के विपरीत अभिविन्यासित हो जाते हैं।
- एक-दूसरे के चुम्बकीय आघूर्ण को निरस्त कर देते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व त्याग देते हैं और अनुचुंबकीय बन जाते हैं।
- लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व नहीं छोड़ते और लोहचुंबकीय बने रहते हैं।
- प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थों की डोमेन संरचनाएँ लोहचुंबकीय पदार्थों के समान होती हैं और उनके चुंबकीय आघूर्ण परस्पर निरस्त नहीं होते।
- लोहचुंबकीय पदार्थों में सभी डोमेन चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में उन्मुख हो जाते हैं और चुंबकीय क्षेत्र को हटाने के बाद भी ऐसे ही बने रहते हैं।