English

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है? (i) चुम्बकीय क्षेत्र में अनुचुम्बकीय पद्राथों का क्षीण आकर्षण होता है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

Options

  • चुम्बकीय क्षेत्र में अनुचुम्बकीय पद्राथों का क्षीण आकर्षण होता है।

  • लोहचुम्बकीय पदार्थों को स्थायी रूप से चुम्बकत्व प्रदान नहीं किया जा सकता।

  • प्रतिलोहचुम्बकीय पदार्थों में डोमेन परस्पर विपरीत अभिविन्यासित रहते हैं।

  • प्रतिचुम्बकीय पदार्थों में इलेक्ट्रॉनों का युग्मन उनके चुम्बकीय आधूर्ण को आपस में निरस्त कर देता है।

MCQ

Solution

लोहचुम्बकीय पदार्थों को स्थायी रूप से चुम्बकत्व प्रदान नहीं किया जा सकता।

स्पष्टीकरण -

फेरोमैग्नेटिक प्रजातियां चुंबकीय क्षेत्र में दृढ़ता से आकर्षित होती हैं और स्थायी रूप से चुंबकित की जा सकती हैं।

shaalaa.com
चुंबकीय गुण
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [Page 6]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q I. 30. | Page 6

RELATED QUESTIONS

किस प्रकार के पदार्थों से अच्छे स्थायी चुम्बक बनाए जा सकते हैं, लौहचुम्बकीय अथवा फेरीचुम्बकीय? अपने उत्तर का औचित्य बताइए।


निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –

लोहचुंबकत्व


निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –

अनुचुंबकत्व


निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –

फेरीचुंबकत्व


निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –

प्रतिलोहचुंबकत्व


निम्नलिखित में से कौन-सी व्यवस्था प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थ के चुंबकीय आघूर्ण के व्यवस्थित सरेखण को प्रदर्शित करती है?


लोहचुम्बकीय पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र में रखे जाने पर स्थायी चुम्बक बन जाता है क्योंकि ______।


प्रतिलोहचुम्बकीय पदार्थ के लिए चुम्बकीय आघूर्ण का मान शून्य होता है। क्योंकि डोमेन ______।

  1. प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
  2. प्रयुक्त चुम्बकीय क्षेत्र की विपरीत दिशा में अभिविन्यासित हो जाते हैं।
  3. चुम्बकीय क्षेत्र के अनुप्रयोग के बिना एक-दूसरे के विपरीत अभिविन्यासित हो जाते हैं।
  4. एक-दूसरे के चुम्बकीय आघूर्ण को निरस्त कर देते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व त्याग देते हैं और अनुचुंबकीय बन जाते हैं।
  2. लोहचुंबकीय पदार्थ गरम करने से लोहचुंबकत्व नहीं छोड़ते और लोहचुंबकीय बने रहते हैं।
  3. प्रतिलोहचुंबकीय पदार्थों की डोमेन संरचनाएँ लोहचुंबकीय पदार्थों के समान होती हैं और उनके चुंबकीय आघूर्ण परस्पर निरस्त नहीं होते।
  4. लोहचुंबकीय पदार्थों में सभी डोमेन चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में उन्मुख हो जाते हैं और चुंबकीय क्षेत्र को हटाने के बाद भी ऐसे ही बने रहते हैं।

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×