English

निम्नलिखित में से किस संकुलित संरचना में धनायन तथा ऋर्णायन के लिए उपसहसंयोजन संख्या समान होगी? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित में से किस संकुलित संरचना में धनायन तथा ऋर्णायन के लिए उपसहसंयोजन संख्या समान होगी?

Options

  • Cl आयन fcc जालक बनाते हैं और Na+ आयन एकक कोष्ठका की सभी अष्टफलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं।

  • Ca2+ आयन fcc जालक बनाते हैं और F अयन एकक कोष्ठिका की सभी आठ चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं।

  • O2− आयन fcc जालक बनाते हैं और Na+ आयन एकक कोष्ठिका की सभी आठ चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं।

  • S2− आयन fcc जालक बनाते हैं और Zn2+ आयन एकक कोष्ठिका की एकांतर चतुष्फलकीय रिक्तिका में स्थान लेते हैं।
MCQ

Solution

Cl आयन fcc जालक बनाते हैं और Na+ आयन एकक कोष्ठका की सभी अष्टफलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं।

स्पष्टीकरण -

 

NaCl क्रिस्टल में सेंधा नमक संरचना होती है जिसमें शुल्क जाली होती है जिसमें Cl- आयन शुल्क जाली बिंदुओं और फलक केंद्र पर मौजूद होते हैं और Na+ दी गई इकाई कोशिका के सभी अष्टफलकीय रिक्तियों पर कब्जा कर लेता है।

जहाँ Na+ की समन्वय संख्या = 6

Cl  की समन्वय संख्या = 6

shaalaa.com
निविड संकुलित सांरचना
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: ठोस अवस्था - अभ्यास [Page 5]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 1 ठोस अवस्था
अभ्यास | Q I. 26. | Page 5

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित युग्मों के पदों (शब्दों) में कैसे विभेद करोगे?

चतुष्फलकीय रिक्ति एवं अष्टफलकीय रिक्ति


निम्नलिखित जालक में से एकक कोष्ठिका में कितने जालक बिन्दु होते हैं?

फलक-केन्द्रित चतुष्कोणीय


विश्लेषण द्वारा ज्ञात हुआ कि निकिल ऑक्साइड का सूत्र Ni0.98 O1.00 है। निकिल आयनों का कितना अंश Ni2+ और Ni3+ के रूप में विद्यमान है?


षट्कोणीय निविड संकुलन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?


त्रिविमीय षट्कोणीय निविड संकुलित संरचना में बनाने वाली रिक्तिकाओं के बारे में कौन-से कथन सही नहीं हैं।

  1. जब प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्ति के ऊपर द्वितीय परत के गोले उपस्थित होते हैं तो चतुष्फलकीय रिक्ति बनती है।
  2. सभी त्रिकोणीय रिक्तियाँ, द्वितीय परत के गोलों द्वारा आच्छादित नहीं होतीं।

  3. जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ, प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्तियों के ठीक ऊपर हों और इन रिक्तियों की त्रिकोणीय आकतियाँ अतिव्यापित न हों तो चतुष्फलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।
  4. जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ प्रथम परत की समान रिक्तियों के साथ अतिव्यापक करती हैं तो अष्टफलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।

निम्नलिखित में से किस व्यवस्था में अष्टफलकीय रिक्तिका बनती है?

  1. hcp
  2. bcc
  3. सामान्य घनीय
  4. fcc

फ़्रेंकेल दोष को यह भी कहते हैं-

  1. स्टॉइकियोमीट्री दोष
  2. प्रभ्रंश दोष
  3. अशुद्ध दोष
  4. नॉन-स्टॉइकियोमीट्री दोष

एक यौगिक में नाइट्रोजन (N) के परमाणु घनीय निविड संकुलित संरचना बनाते हैं और धातु के परमाणु (M) एक तिहाई चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं। M एवं N द्वारा बने यौगिक का सूत्र ज्ञात कीजिए?


कॉलम I में दिए गए संकुलन के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए मदों से सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) द्विविमा में वर्गीय निविड संकुलन (a) त्रिकोणीय रिक्ति
(ii) द्विविमा में षट्कोणीय निविड संकुल (b) प्रत्येक चौथी परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है।
(iii) त्रिविमा में षट्कोणीय निविड संकुलन (c) उपसहसंयोजन संख्या 4
(iv) त्रिविमा में घनीय निविड संकुलन 

(d) एकान्तर परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है ।


दर्शाइए कि घनीय निविड संकुलित संरचना में प्रति एकक कोष्ठिका आठ चतुष्फलकीय रिक्तियाँ उपस्थित होती हैं।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×