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Question
निम्नलिखित में से कौन-सा दोष प्रभंश दोष भी कहलाता है?
Options
फ्रेंकेल दोष
शॉट्की दोष
नॉन-स्टॉइक्कयोमीट्री दोष
सामान्य अंतरालीय दोष
Solution
फ्रेंकेल दोष
स्पष्टीकरण -
फ्रेंकेल दोष में, कुछ धनायन अंतरालीय स्थल पर होते हैं और इसलिए इसे अव्यवस्था दोष भी कहा जाता है।
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एक यौगिक षट्कोणीय निविड़ संकुलित संरचना बनाता है। इसके 0.5 मोल में रिक्तियों की संख्या कितनी होगी? उनमें से कितनी रिक्तियाँ चतुष्फलकीय हैं?
एक यौगिक दो तत्त्वों M तथा N से बना है। तत्त्व N, ccp संरचना बनाता है और M के परमाणु चतुष्फलकीय रिक्तियों के 1/3 भाग को अध्यासित करते हैं। यौगिक का सूत्र क्या है।
निम्नलिखित युग्मों के पदों (शब्दों) में कैसे विभेद करोगे?
षट्कोणीय निविड संकुलन एवं घनीय निविड संकुलन
विश्लेषण द्वारा ज्ञात हुआ कि निकिल ऑक्साइड का सूत्र Ni0.98 O1.00 है। निकिल आयनों का कितना अंश Ni2+ और Ni3+ के रूप में विद्यमान है?
निम्नलिखित को उचित उदाहरण से समझाइए –
12 – 16 और 13 -15 वर्गों के यौगिक
द्विविमीय वर्ग निविड संकुलित संरचना में उपसहसंयोजन संख्या क्या होती है?
त्रिविमीय षट्कोणीय निविड संकुलित संरचना में बनाने वाली रिक्तिकाओं के बारे में कौन-से कथन सही नहीं हैं।
- जब प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्ति के ऊपर द्वितीय परत के गोले उपस्थित होते हैं तो चतुष्फलकीय रिक्ति बनती है।
-
सभी त्रिकोणीय रिक्तियाँ, द्वितीय परत के गोलों द्वारा आच्छादित नहीं होतीं।
- जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ, प्रथम परत की त्रिकोणीय रिक्तियों के ठीक ऊपर हों और इन रिक्तियों की त्रिकोणीय आकतियाँ अतिव्यापित न हों तो चतुष्फलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।
- जब द्वितीय परत की त्रिकोणीय रिक्तियाँ प्रथम परत की समान रिक्तियों के साथ अतिव्यापक करती हैं तो अष्टफलकीय रिक्तियाँ बनती हैं।
एक यौगिक में नाइट्रोजन (N) के परमाणु घनीय निविड संकुलित संरचना बनाते हैं और धातु के परमाणु (M) एक तिहाई चतुष्फलकीय रिक्तिकाओं में उपस्थित हैं। M एवं N द्वारा बने यौगिक का सूत्र ज्ञात कीजिए?
कॉलम I में दिए गए संकुलन के प्रकारों को कॉलम II में दिए गए मदों से सुमेलित कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
(i) द्विविमा में वर्गीय निविड संकुलन | (a) त्रिकोणीय रिक्ति |
(ii) द्विविमा में षट्कोणीय निविड संकुल | (b) प्रत्येक चौथी परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है। |
(iii) त्रिविमा में षट्कोणीय निविड संकुलन | (c) उपसहसंयोजन संख्या 4 |
(iv) त्रिविमा में घनीय निविड संकुलन |
(d) एकान्तर परत में गोलों का पैटर्न पुनरावृत्त होता है । |
दर्शाइए कि घनीय निविड संकुलित संरचना में प्रति एकक कोष्ठिका आठ चतुष्फलकीय रिक्तियाँ उपस्थित होती हैं।