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निम्नलिखित में से किस आप कहानी की मूल सवेदना कहगे/कहगी और क्यों? हाशिए पर धकेल जाते मानवीय मूल्य पीढ़ी का अतराल पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव - Hindi (Core)

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Question

निम्नलिखित में से किस आप कहानी की मूल सवेदना कहगे/कहगी और क्यों?

  1. हाशिए पर धकेल जाते मानवीय मूल्य
  2. पीढ़ी का अतराल
  3. पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव
Answer in Brief

Solution

इस कहानी में, मानवीय मूल्यों-भाईचारा, प्रेम, रिश्तेदारी, बुजुर्गों का सम्मान आदि-को हाशिए पर दिखाया गया है। यशोधर पुरानी परंपरा के व्यक्ति हैं, जबकि उनके बच्चे पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित हैं। वे ‘सिल्वर वैडिंग’ जैसी पाश्चात्य परंपरा का निर्वाह करते हैं। इन सबके बावजूद यह कहानी पीढ़ी के अंतराल को स्पष्ट करती है। यशोधर बाबू स्वयं पीढ़ी के अंतराल को स्वीकार हैं। वे मानते हैं कि दुनियादारी के मामले में उनकी संतान व पत्नी उससे आगे हैं। वह पुराने आदशों व मूल्यों जुडे हुए हैं। ऑफ़िस में भी वे कर्मचारियों के साथ ऐसे ही संबंध बनाए हुए हैं। चड्ढा की चौड़ी मोहरी वाली उन्हें ‘समहाउ इंप्रॉपर’ लगती है। उन्हें अपनी बीवी व बच्चों का रहन-सहन भी अनुपयुक्त जान पड़ता है। वे जिन सामाजिक मूल्यों को बचाना चाहते हैं, नयी पीढ़ी उनका पुरजोर विरोध करती है। नयी पीढ़ी पुरानी सादगी को फटीचरी सिल्वर वैडिंग के मानती है। वह रिश्तेदारी निभाने को घाटे का सौदा बताती है। इन्हीं सब मूल्यों से प्रभावित होकर यशोधर बाबू के पिता के लिए नया गाउन लाते हैं ताकि फटे पुलोवर से उन्हें शर्मिदा न होना पड़ा। उन्हें अपने मान-सम्मान की है कि मस्तिक नीं। अत: यह कहानी पड के अंताल की कहानी कहता है और बाह कहान मूल संवेदना है।

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सिल्वर वैडिंग
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Chapter 1: सिल्वर वैडिंग (मनोहर श्याम जोशी) - अभ्यास [Page 20]

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NCERT Hindi - Vitaan Class 12
Chapter 1 सिल्वर वैडिंग (मनोहर श्याम जोशी)
अभ्यास | Q 6. | Page 20

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यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं। ऐसा क्यों?


पाठ में ‘जो हुआ होगा ‘ वाक्य की आप कितनी अर्थ छवियाँ खोज सकते/सकती हैं?


‘समहाउ इप्रॉपर’ वाक्यांश का प्रयोग यशोधर बाबू लगभग हर वाक्य के प्रारंभ में तकिया कलाम की तरह करते हैं। इस वाक्यांश का उनके व्यक्तित्व और कहानी के कथ्य से क्या सबध बनता है?


यशोधर बाबू की कहानी को दिशा देने में किशन दा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आपके जीवन की दिशा देने में किसका महत्वपूर्ण योगदान रहा और कैसे?


वर्तमान समय में परिवार की सरंचना, स्वरूप से जुड़ आपके अनुभव इस कहानी से कहाँ तक सामजस्य बैठा पाते है?


अपने घर और विद्यालय के आस-पास हो रह उन बदलावों के बारे में लिख जो सुविधाजनक और आधुनिक होते हुए भी बुजुगों को अच्छे नहीं लगते। अच्छा न लगने के क्या कारण होंगे?


यशोधर बाबू के बारे में आपकी क्या धारणा बनती है? दिए गए तीन कथनों में से आप जिसके समर्थन में हैं, अपने अनुभवों और सोच के आधार पर उसके लिए तर्क दीजिए

  1. यशोधर बाबू के विचार पूरी तरह से पुराने हैं और वे सहानुभूति के पात्र नहीं हैं।
  2. यशोधर बाबू में एक तरह का द्ववद्व है जिसके कारण नया उन्हें कभी-कभी खींचता तो है पर पुराना छोड़ता नहीं। इसलिए उन्हें सहानुभूति के साथ देखने की जरूरत हैं।
  3. यशोधर बाबू एक आदर्श व्यक्तित्व हैं और नयी पीढ़ी द्वारा उनके विचारों का अपनाना ही उचित हैं।

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी की मूल संवेदना आप किसे मानेंगे-


‘सिल्वर वैडिंग’ पाठ में ‘जो हुआ होगा’ वाक्य का अर्थ है-


किशोर दा के रिटायर होने पर यशोधर बाबू उनकी सहायता क्यों नहीं कर पाए थे?


यशोधर बाबू दफ़्तर से घर जल्दी क्यों नहीं जाते थे?


कथन (A): यशोधर बाबू के बच्चे धर्म, रिश्तेदार तथा समाज को पिछड़ा मानते हैं।

कारण (R): वे महत्त्वाकांक्षी और प्रगतिशील हैं। उनमें समय के साथ बदलाव आ गया है।


कहानी सिल्वर वैडिंग में यह वाक्य 'वह खुशहाली भी कैसी जो अपनों में परायापन पैदा करे' - किसने कहा होगा?


कहानी सिल्वर वैडिंग में यशोधर बाबू के बच्चों के लिए कहा गया है कि, 'बच्चे आधुनिक युवा हो चले हैं'। इस पंक्ति से लेखक का क्या आशय हो सकता है?


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी में यशोधर बाबू को अपने बच्चों की आकर्षक आय ‘समहाउ इंप्रापर’ क्यों लगती है?


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