English

यशोधर बाबू की कहानी को दिशा देने में किशन दा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आपके जीवन की दिशा देने में किसका महत्वपूर्ण योगदान रहा और कैसे? - Hindi (Core)

Advertisements
Advertisements

Question

यशोधर बाबू की कहानी को दिशा देने में किशन दा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आपके जीवन की दिशा देने में किसका महत्वपूर्ण योगदान रहा और कैसे?

Answer in Brief

Solution

यशोधर बाबू की कहानी को दिशा देने में किशन दा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मेरे जीवन पर मेरे बड़े भाई साहब का प्रभाव है। वे बड़े शिक्षाविद हैं। उन्होंने हर परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी। उन्हें कई विषयों का गहन ज्ञान है। परिवार वाले उन्हें डॉक्टर बनाना चाहते थे, परंतु उन्होंने साफ़ मना कर दिया तथा शिक्षक बनना स्वीकार किया। आज वे विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर हैं। उनके विचार व कार्यशैली ने मुझे प्रभावित किया। मैंने निर्णय किया कि मुझे भी उनकी तरह मेहनत करके आगे बढ़ना है। मैंने पढ़ाई में मेहनत की तथा अच्छे अंक प्राप्त किए। मैंने स्कूल की सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेना शुरू कर दिया। कई प्रतियोगिताओं में मुझे इनाम भी मिले। मेरे अध्यापक प्रसन्न हैं। मैं बड़े भाई की सरलता, व सादगी से बहुत प्रभावित हूँ।

shaalaa.com
सिल्वर वैडिंग
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: सिल्वर वैडिंग (मनोहर श्याम जोशी) - अभ्यास [Page 20]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vitaan Class 12
Chapter 1 सिल्वर वैडिंग (मनोहर श्याम जोशी)
अभ्यास | Q 4. | Page 20

RELATED QUESTIONS

यशोधर बाबू की पत्नी समय के साथ ढल सकने में सफल होती है लेकिन यशोधर बाबू असफल रहते हैं। ऐसा क्यों?


पाठ में ‘जो हुआ होगा ‘ वाक्य की आप कितनी अर्थ छवियाँ खोज सकते/सकती हैं?


‘समहाउ इप्रॉपर’ वाक्यांश का प्रयोग यशोधर बाबू लगभग हर वाक्य के प्रारंभ में तकिया कलाम की तरह करते हैं। इस वाक्यांश का उनके व्यक्तित्व और कहानी के कथ्य से क्या सबध बनता है?


वर्तमान समय में परिवार की सरंचना, स्वरूप से जुड़ आपके अनुभव इस कहानी से कहाँ तक सामजस्य बैठा पाते है?


निम्नलिखित में से किस आप कहानी की मूल सवेदना कहगे/कहगी और क्यों?

  1. हाशिए पर धकेल जाते मानवीय मूल्य
  2. पीढ़ी का अतराल
  3. पाश्चात्य संस्कृति का प्रभाव

अपने घर और विद्यालय के आस-पास हो रह उन बदलावों के बारे में लिख जो सुविधाजनक और आधुनिक होते हुए भी बुजुगों को अच्छे नहीं लगते। अच्छा न लगने के क्या कारण होंगे?


यशोधर बाबू के बारे में आपकी क्या धारणा बनती है? दिए गए तीन कथनों में से आप जिसके समर्थन में हैं, अपने अनुभवों और सोच के आधार पर उसके लिए तर्क दीजिए

  1. यशोधर बाबू के विचार पूरी तरह से पुराने हैं और वे सहानुभूति के पात्र नहीं हैं।
  2. यशोधर बाबू में एक तरह का द्ववद्व है जिसके कारण नया उन्हें कभी-कभी खींचता तो है पर पुराना छोड़ता नहीं। इसलिए उन्हें सहानुभूति के साथ देखने की जरूरत हैं।
  3. यशोधर बाबू एक आदर्श व्यक्तित्व हैं और नयी पीढ़ी द्वारा उनके विचारों का अपनाना ही उचित हैं।

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी की मूल संवेदना आप किसे मानेंगे-


‘सिल्वर वैडिंग’ पाठ में ‘जो हुआ होगा’ वाक्य का अर्थ है-


किशोर दा के रिटायर होने पर यशोधर बाबू उनकी सहायता क्यों नहीं कर पाए थे?


यशोधर बाबू दफ़्तर से घर जल्दी क्यों नहीं जाते थे?


कथन (A): यशोधर बाबू के बच्चे धर्म, रिश्तेदार तथा समाज को पिछड़ा मानते हैं।

कारण (R): वे महत्त्वाकांक्षी और प्रगतिशील हैं। उनमें समय के साथ बदलाव आ गया है।


कहानी सिल्वर वैडिंग में यह वाक्य 'वह खुशहाली भी कैसी जो अपनों में परायापन पैदा करे' - किसने कहा होगा?


कहानी सिल्वर वैडिंग में यशोधर बाबू के बच्चों के लिए कहा गया है कि, 'बच्चे आधुनिक युवा हो चले हैं'। इस पंक्ति से लेखक का क्या आशय हो सकता है?


निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

‘सिल्वर वैडिंग’ कहानी में यशोधर बाबू को अपने बच्चों की आकर्षक आय ‘समहाउ इंप्रापर’ क्यों लगती है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×