Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
सांसारिक समझौते से ज्यादा विनाशक कोई चीज नहीं।
Solution
आशय - समझौता करने वाले व्यक्ति को अपने सिद्धान्तों की कुर्बानी देनी पड़ती है। जो व्यक्ति सिद्धान्तवादी है वह किसी अनुचित बात पर समझौता नहीं कर सकता। उसकी अच्छी और महत्त्वपूर्ण बातों के मार्ग में उसके अपने और पराये सभी बाधा उपस्थित करते हैं। उसे बहुत संघर्ष करना पड़ता है। लेखक का विचार है कि समझौता करना बुरा है, सिद्धान्त पर अडिग रहना ही उचित है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
लेखक ने कविता को हमारी भारतीय परंपरा का विचित्र परिणाम क्यों कहा है?
'सौंदर्य में रहस्य न हो तो वह एक खूबसूरत चौखटा है।' व्यक्ति के व्यक्तित्व के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।
सामान्य-असामान्य तथा साधारण-असाधारण के अंतर को व्यक्ति और लेखक के माध्यम से स्पष्ट कीजिए।
'उसकी पूरी जिंदगी भूल का एक नक्शा है।' इस कथन द्वारा लेखक व्यक्ति के बारे में क्या कहना चाहता है?
पिछले बीस वर्षों की सबसे महान घटना संयुक्त परिवार का ह्रास है - क्यों और कैसे?
इन वर्षों में सबसे बड़ी भूल है, 'राजनीति के पास समाज-सुधार का कोई कार्यक्रम न होना' – इस संदर्भ में आप आपने विचार लिखिए।
'अन्यायपूर्ण व्यवस्था को चुनौती घर में नहीं, घर के बाहर दी गई।' – इससे लेखक का क्या अभिप्राय है?
'जो पुराना है, अब वह लौटकर आ नहीं सकता। लेकिन नए ने पुराने का स्थान नहीं लिया।' इस नए और पुराने के अंतर्द्वंद्व को स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित गद्यांश की व्याख्या कीजिए -
इस भीषण संघर्ष की हृदय भेदक ............. इसलिए वह असामान्य था।
निम्नलिखित गद्यांश की व्याख्या कीजिए -
लड़के बाहर राजनीति या साहित्य के मैदान में ............. धर के बाहर दी गई।
निम्नलिखित गद्यांश की व्याख्या कीजिए -
इसलिए पुराने सामंती अवशेष बड़े मज़े .......... शिक्षित परिवारों की बात कर रहा हूँ।
निम्नलिखित गद्यांश की व्याख्या कीजिए -
मान-मूल्य, नया इंसान ............ वे धर्म और दर्शन का स्थान न ले सके।
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
बुलबुल भी यह चाहती है कि वह उल्लू क्यों न हुई!
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
मैं परिवर्तन के परिणामों को देखने का आदी था, परिवर्तन की प्रक्रिया को नहीं।
निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।
जो पुराना है, अब वह लौटकर आ नहीं सकता।
'विकास की ओर बढ़ते चरण और बिखरते मानव-मूल्य' विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।
'आधुनिकता की इस दौड़ में हमने क्या खोया है और क्या पाया है?' - अपने विद्यालय की पत्रिका के लिए इस विषय पर अध्यापकों का साक्षात्कार लीजिए।
'सौंदर्य में रहस्य न हो तो वह एक खूबसूरत चौखटा है।' लेखक के इस वाक्य को केंद्र में रखते हुए 'सौंदर्य क्या है' इस पर चर्चा करें।