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Question
निम्नलिखित पंक्तियों का अर्थ लिखो:
‘कितनी बार गगरियाँ फूटीं शिकन न पर आई पनघट पर।’
Very Short Answer
Solution
अनगिनत गगरियों के फूटने के बावजूद भी जिस प्रकार पनघट के चेहरे पर शिकन की एक भी लकीर नहीं दिखाई देती है, उसी प्रकार संसार में जीवों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन इससे संसार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
shaalaa.com
पद्य (7th Standard)
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