English

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए। तकनीकी और प्रौद्योगिकी विकास से ग्रामीण जीवन की संस्कृति कैसे नष्ट हो सकती है? 'अपना मालवा खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में' पाठ के - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।

तकनीकी और प्रौद्योगिकी विकास से ग्रामीण जीवन की संस्कृति कैसे नष्ट हो सकती है? 'अपना मालवा खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में' पाठ के आधार पर अपने शब्दों में लिखिए।

Answer in Brief

Solution

‘अपना मालवा खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में’ पाठ में बताया गया है कि आधुनिक तकनीकी और प्रौद्योगिकी विकास से ग्रामीण जीवन की पारंपरिक संस्कृति प्रभावित हो रही है। पहले मालवा में जल प्रबंधन की समृद्ध व्यवस्था थी, जिसमें तालाब, कुएँ, और स्थानीय नदियाँ जीवन का आधार थीं। लेकिन आधुनिक विकास और उद्योगों के बढ़ते प्रभाव ने इन पारंपरिक जल संसाधनों को नष्ट कर दिया। तकनीकी साधनों ने न केवल जल संरक्षण की प्रणालियों को समाप्त किया, बल्कि सामूहिक प्रयासों और सामुदायिक जीवन के मूल्यों को भी कमजोर कर दिया।

आधुनिक कृषि पद्धतियों और उद्योगों के कारण ग्रामीण लोग अपने गाँवों को छोड़कर शहरों की ओर पलायन करने लगे। इससे गाँव की सांस्कृतिक परंपराएँ और रीतियाँ भी खोने लगीं। इस विकास ने उपभोक्तावाद को बढ़ावा दिया, जिससे लोग स्वावलंबी जीवनशैली से दूर होते गए। लेखक ने यह भी बताया है कि जल संकट के कारण ग्रामीण जीवन कठिनाइयों से भर गया है। आधुनिक तकनीकी साधनों ने आत्मनिर्भरता की भावना को खत्म कर दिया, और गाँवों में शहरीकरण का प्रभाव बढ़ गया। इस प्रकार, तकनीकी और प्रौद्योगिकी विकास ने न केवल पर्यावरणीय असंतुलन पैदा किया, बल्कि ग्रामीण जीवन की पारंपरिक संस्कृति और सामूहिकता का भी विनाश कर दिया।

shaalaa.com
  Is there an error in this question or solution?
2024-2025 (March) Board Sample Paper
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×