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Academic Year: 2024-2025
Date: March 2025
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सामान्य निर्देश-
- इस प्रश्न-पत्र में तीन खंड हैं - खंड- क, ख और ग।
- दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
- तीनों खंडों के कुल 13 प्रश्न हैं। तीनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।
- यथासंभव तीनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रम से लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
आदमी के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं। ज़िंदगी की दो सूरतें हैं। एक तो यह कि आदमी बड़े-से-बड़े मकसद के लिए कोशिश करे, जगमगाती हुई जीत पर पंजा डालने के लिए हाथ बढ़ाए और अगर असफलताएँ कदम-कदम पर जोश की रोशनी के साथ अँधियाली का जाल बुन रही हों, तब भी यह पाँव पीछे न हटाए। दूसरी सूरत यह है कि उन गरीब आत्माओं का हमजोली बन जाए जो न तो बहुत अधिक सुख पाती हैं और न जिन्हें बहुत अधिक दुख पाने का ही संयोग है, क्योंकि वे आत्माएँ ऐसी गोधूलि में बसती हैं, जहाँ न तो जीत हँसती है और न कभी हार के रोने की आवाज़ सुनाई पड़ती है। इस गोधूलि वाली दुनिया के लोग बँधे हुए घाट का पानी पीते हैं, वे ज़िंदगी के साथ जुआ नहीं खेल सकते। साहस की ज़िंदगी सबसे बड़ी ज़िंदगी होती है। ऐसी ज़िंदगी की सबसे बड़ी पहचान यह है कि यह बिलकुल निडर, बिलकुल बेखौफ होती है। साहसी मनुष्य की पहली पहचान यह है कि वह इस बात को चिंता नहीं करता कि तमाशा देखने वाले लोग उसके बारे में क्या सोचते हैं। जनमत की उपेक्षा करके जीने वाला आदमी ही दुनिया की असली ताकत होता है और मनुष्यता को प्रकाश भी उसी आदमी से मिलता है। अड़ोस-पड़ोस को देखकर चलना साधारण जीव का काम है। क्रांति करने वाले लोग अपने उद्देश्य की तुलना न तो पड़ोसी के उद्देश्य से करते हैं और न अपनी चाल को ही पड़ोसी की चाल देखकर मद्धिम बनाते हैं। (हिम्मत और ज़िंदगी: रामधारी सिंह 'दिनकर') |
(क) "गोधूलि वाली दुनिया के लोगो से अभिप्राय ऐसे लोगों से है जो -___________।"
उत्तर देने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए। (1)
- विवशता और अभाव में जीते हैं।
- जीवन को दाँव पर लगा देते हैं।
- फल की कामना नहीं करते हैं।
- जय-पराजय के अनुभव से परे होते हैं।
(ख) निम्नलिखित कथन (A) तथा कारण (R) को ध्यानपूर्वक पढ़िए। उसके बाद दिए गए विकल्प में से कोई एक सही विकल्प चुनकर लिखिए। (1)
कथन- जनमत की उपेक्षा करके जीने वाला आदमी ही दुनिया की असली ताकत होता है और मनुष्यता को प्रकाश भी उसी आदमी से मिलता है।
कारण- साहसी व्यक्ति लीक से हटकर अपनी आवश्यकता एवं लक्ष्य के अनुरूप मार्ग का अनुसरण करता है, इसके माध्यम से वह लोगों में नई चेतना जगाता है।
- कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
- कथन (A) और कारण (R) दोनों ही गलत हैं।
- कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है।
- कथन (A) सही है किंतु कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
(ग) "साहसी मनुष्य सपने उधार नहीं लेता, वह अपने विचारों में रमा हुआ अपनी ही किताब पढ़ता है।" इस कथन के माध्यम से लेखक __________ का संदेश देना चाहते हैं। (1)
- सदाचार
- स्वावलंबन
- निलंबन
- मिथ्याचार
(घ) कौन-से लोग बँधे हुए घाट का पानी पीते हैं? (1)
(ङ) 'आदमी के और सारे गुण उसके हिम्मती होने से ही पैदा होते हैं।' आशय स्पष्ट कीजिए। (2)
(च) ज़िंदगी की दोनों स्थितियों में से कौन-सी उचित है? कारण सहित लिखिए। (2)
(छ) लेखक द्वारा अकेले चलने वाले की तुलना सिंह से किए जाने का औचित्य सिद्ध कीजिए। (2)
Chapter:
निम्नलिखित कविता के अंश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए-
बाधाएँ आती हैं आएँ |
(क) 'सिर पर ज्वालाएँ बरसने' से क्या आशय है? (1)
- सिर पर आग बरसाना
- सामने कठिनाई होना
- खतरों से खेलना
- सामने आग होना
(ख) सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ - पंक्ति में 'श्लथ' का क्या अर्थ है? (1)
- बेहोश
- ऊर्जावान
- थका हुआ
- पसीना
(ग) 'कदम मिलाकर चलना होगा' - कविता के केंद्रीय भाव को दर्शाने वाले कथन है/हैं - (1)
- निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा
- जीवन के कष्टों से ना घबराना
- घृणा को सर्वोपरि समझना
- केवल (I)
- केवल (II)
- (I) और (II)
- (II) और (III)
(घ) कवि ने किस प्रकार की विपत्तियों में हँसते-हँसते आगे बढ़ने को बात कही है? (1)
(ङ) कवि ने 'परहित अर्पित अपना तन-मन' क्यों कहा है? अपने विचार प्रकट कीजिए। (2)
(च) कवि ने हमें 'पावस' बनने को क्यों कहा है? (2)
Chapter:
संपादकीय लेखन से क्या तात्पर्य है? (शब्द सीमा - लगभग 20 शब्द)
Chapter:
रेडियो के लिए समाचार कॉपी तैयार करते हुए किन बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए? किन्हीं दो का वर्णन कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द)
Chapter:
मीडिया जगत में फ्रीलांसर की भूमिका का उल्लेख कीजिए। (शब्द सीमा - लगभग 40 शब्द)
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
समाचार लेखन की शैली का विस्तृत परिचय दीजिए।
Chapter:
अच्छे फीचर की किन्हीं तीन विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
Chapter: [0.032] पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
बीट रिपोर्टिंग और विशेषीकृत रिपोर्टिंग में क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।
Chapter: [0.033] विशेष लेखन-स्वरुप और प्रकार
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:
जैसे ही मैंने नदी के शीतल जल को छुआ
Chapter:
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निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:
मेरी जीप के सामने अचानक शेर आ गया
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर लगभग 100 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए:
देश के प्रति मेरा कर्तव्य यह है...
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
"वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान।" काव्य पंक्ति के माध्यम से कविता लेखन के संदर्भ में उजागर होने वाले बिंदुओं का उल्लेख कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
रंगमंच प्रतिरोध का सशक्त माध्यम है। सिद्ध कीजिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
कहानी के संदर्भ में लिखिए कि द्वंद्व से क्या अभिप्राय है? वह कहानी का महत्वपूर्ण तत्व क्यों है?
Chapter:
निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कीजिए:
सुनते हैं मिट्टी में रस है जिससे उगती दूब है अपने मन के मैदानों पर व्यापी कैसी ऊब है आधे आधे गाने तोड़ो तोड़ो तोड़ो ये ऊसर बंजर तोड़ो ये चरती परती तोड़ो सब खेत बनाकर छोड़ो मिट्टी में रस होगा ही जब वह पोसेगी बीज को हम इसको क्या कर डालें इस अपने मन की खीज को? गोड़ो गोड़ो गोड़ो |
(क) तोड़ो कविता का कवि मन में व्याप्त ऊब और खीज को तोड़ने की बात करता है क्योंकि वह __________ का समर्थक है। (1)
- ऊसर
- विध्वंस
- सृजन
- कुंजन
(ख) निम्नलिखित कथन-कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए। (1)
कथन- सुनते हैं मिट्टी में रस है, जिसमें उगती दूब है।
कारण- मिट्टी में उर्वरा शक्ति है इसलिए उसमें से टूब उगती है।
- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।
(ग) 'आधे-आधे गाने' से कवि का तात्पर्य है- (1)
- आधे गीत का गायन
- मैदान का अधूरापन
- कवि का व्यथित हृदय
- अधूरी क्रियात्मक शक्ति
(घ) मन की खीज से आशय है- मन की __________। (1)
- ईर्ष्या
- कड़वाहट
- झुंझलाहट
- व्यथा
(ङ) कवि ने मानव मन की दशा बताई है/हैं- (1)
कथन 1- धरती और मानव मन की दशा में समानता है।
कथन 2- मानव मन सदैव बुराई से आकर्षित होता है।
कथन 3- धरती के उपजाऊ तत्व पत्थर कंकड़ एवं मन के खीज, अनचाहे विचार हैं।
- केवल कथन 1
- कथन 1 और 2
- केवल कथन 3
- कथन 2 और 3
Chapter:
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए:
'मैंने देखा एक बूँद" कविता के संदर्भ में क्षण के महत्व को उजागर करते हुए कविता का मूल भाव लिखिए।
Chapter:
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए:
'कार्नेलिया का गीत' के आधार पर भारत को सांस्कृतिक विशेषताओं पर टिप्पणी कीजिए।
Chapter:
काव्य खंड पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए-
कवि घनानंद ने किस प्रकार की पुकार से "कान खोलि है" की बात कही है?
Chapter:
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निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
आदमी दशाश्वमेध पर जाता है और पाता है घाट का आखिरी पत्थर कुछ और मुलायम हो गया है सीढ़ियों पर बैठे बंदरों की आँखों में एक अजीब-सी नमी है और एक अजीब सी चमक से भर उठा है भिखारियों के कटोरों का निचाट खालीपन तुमने कभी देखा है खाली कटोरों में वसंत का उतरना! यह शहर इसी तरह खुलता है इसी तरह भरता और खाली होता है यह शहर |
Chapter:
निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
सखि हे, कि पुछसि अनुभव मोए। सेह पिरिति अनुराग बखानिअ तिल-तिल नूतन होए॥ जनम अबधि हम रूप निहारल नयन न तिरपित भेल॥ सेहो मधुर बोल स्रवनहि सूनल स्रुति पथ परस न गेल॥ कत मधु-जामिनि रभस गमाओलि न बूझल कइसन केलि॥ लाख लाख जुग हिअ-हिअ राखल तइओ हिअ जरनि न गेल॥ कत बिदगध जन रस अनुमोदए अनुभव काहु न पेख॥ विद्यापति कह प्रान जुड़ाइते लाखे न मीलल एक॥ |
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर दिए गए बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर के लिए उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:
यह जो मेरे सामने कुटज का लहराता पौधा खड़ा है वह नाम और रूप दोनों में अपनी अपराजेय जीवनी शक्ति की घोषणा कर रहा है। इसीलिए यह इतना आकर्षक है। नाम है कि हजारों वर्ष से जीता चला आ रहा है। कितने नाम आए और गए। दुनिया उनको भूल गई, वे दुनिया को भूल गए। मगर कुटज है कि संस्कृति की निरंतर स्फीयमान शब्दराशि में जो जमके बैठा, सो बैठा ही है। और रूप की तो बात ही क्या है! बलिहारी है इस मादक शोभा की। चारों ओर कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती लू में यह हरा भी है और भरा भी है, दुर्जन के चित्त से भी अधिक कठोर पाषाण की कारा में रुद्ध अज्ञात जलस्रोत से बरबस रस खींचकर सरस बना हुआ है। और मूर्ख के मस्तिष्क से भी अधिक सूने गिरि कांतार में भी ऐसा मस्त बना है कि ईर्ष्या होती है। कितनी कठिन जीवनी-शक्ति है! प्राण ही प्राण को पुलकित करता है, जीवनी-शक्ति ही जीवनी-शक्ति को प्रेरणा देती है। |
(क) कुटज द्वारा को गई घोषणा उसकी ____________ दर्शाती है। (1)
- जिज्ञासा
- जिजीविषा
- मुमूर्षा
- शुश्रूषा
(ख) निम्नलिखित में से लेखक के अनुसार सबसे सही वाक्य चुनिए- (1)
- कठिन परिस्थितियों में भी जीना सीखें।
- रेगिस्तान में कुटज बहुतायत में पाया जाता है।
- केवल नाम के कारण ही जीवन में प्रसिद्धि प्राप्त होती है
- निर्झर का बहता जल कुटज को भलीभांति सींचता है।
(ग) निम्नलिखित कथन तथा कारण पर विचार कीजिए और सर्वाधिक उचित विकल्प चुनकर लिखिए- (1)
कथन - कुपित यमराज के दारुण निःश्वास के समान धधकती लू में यह हरा भी है और भरा भी है.
कारण - यमराज के क्रोध के कारण कुटज की जीवनीशक्ति कम हो जाती है जिसके कारण वह सूख जाता है।
- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन सही है किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं। कारण कथन की सही व्याख्या है।
(घ) गद्यांश में लेखक ने कुटज का __________ दर्शाया है। (1)
- स्वार्थ
- स्वाभिमान
- लालच
- कर्तव्य
(ङ) मगर कुटज है कि संस्कृति को निरंतर स्फीयमान शब्दराशि में जो जमके बेठा, सो बैठा ही है। (1)
पंक्ति के माध्यम से लेखक संस्कृति के किस महत्त्व को उजागर करता है कि संस्कृति है -
- अनवरत
- असहमत
- अप्राप्य
- अबोध
Chapter:
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए:
अपने ही गाँव में पहुँचकर हरगोबिन के दिशा भ्रमित होने का कारण बताइए।
Chapter:
गद्य खंड पर आधारित प्रश्न का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए:
गंगा तट पर उपस्थित स्वयंसेवकों का कार्य व्यवहार आज के युवा वर्ग को किस प्रकार प्रेरित करता है?
Chapter:
निम्नलिखित पंक्ति का भाव-सौंदर्य लिखिए:
कभी-कभी किसी इलाके की संपदा ही उसका अभिशाप बन जाती है।
Chapter: [0.0207] निर्मल वर्मा : जहाँ कोई वापसी नहीं
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
यह पूछा गया कि तू क्या करेगा। बालक ने सीखा सिखाया उत्तर दिया कि मैं यावज्जन्म लोकसेवा करूँगा। सभा 'वाह-वाह' करती सुन रही थी, पिता का हृदय उल्लास से भर रहा था। एक वृद्ध महाशय ने उसके सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद दिया और कहा कि जो तू इनाम माँगे वही दें। बालक कुछ सोचने लगा। पिता और अध्यापक इस चिंता में लगे कि देखें यह पढ़ाई का पुतला कौन-सी पुस्तक माँगता है। बालक के मुख पर विलक्षण रंगों का परिवर्तन हो रहा था, हृदय में कृत्रिम और स्वाभाविक भावों की लड़ाई की झलक आँखों में दीख रही थी। कुछ खाँसकर, गला साफ़ कर नकली परदे के हट जाने पर स्वयं विस्मित होकर बालक ने धीरे से कहा, 'लड्डू'। पिता और अध्यापक निराश हो गए। इतने समय तक मेरा श्वास घुट रहा था। अब मैंने सुख से साँस भरी। उन सबने बालक की प्रवृत्तियों का गला घोंटने में कुछ उठा नहीं रखा था। |
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए।
कुछ दिनों के बाद मैंने सुना कि शेर अहिंसा और सह-अस्तित्ववाद का बड़ा जबरदस्त समर्थक है इसलिए जंगली जानवरों का शिकार नहीं करता। मैं सोचने लगा, शायद शेर के पेट में वे सारी चीजें हैं जिनके लिए लोग वहाँ जाते हैं और मैं भी एक दिन शेर के पास गया। शेर आँखें बंद किए पड़ा था और उसका स्टाफ आफ़िस का काम निपटा रहा था। मैंने वहाँ पूछा, "क्या यह सच है कि शेर साहब के पेट के अंदर, रोज़गार का दफ़्तर है?" |
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
तकनीकी और प्रौद्योगिकी विकास से ग्रामीण जीवन की संस्कृति कैसे नष्ट हो सकती है? 'अपना मालवा खाऊ-उजाड़ू सभ्यता में' पाठ के आधार पर अपने शब्दों में लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
'सूरदास की झोपड़ी' के नायक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए लिखिए कि उसके व्यक्तित्व से आपको क्या प्रेरणा मिलती है।
Chapter:
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 100 शब्दों में लिखिए।
'बिस्कोहर को माटी' पाठ का मूल कथ्य स्पष्ट कीजिए।
Chapter:
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