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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, बादल बरस गया, धरती ने आँखें खोलीं। संजाल पूर्ण कीजिए: बादलों के बरसने से आए परिवर्तन - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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Question

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली,
बादल बरस गया, धरती ने आँखें खोलीं।

चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा,
सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा।
एक यहाँ पर नहीं अकेला, होगी टोली,
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली।।

बाग-बगीचे, ताल-तलैया सब मुस्काएँ,
झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत सुनाएँ।
मस्त पवन ने अब खोली है अपनी झोली,
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली।।

(1) संजाल पूर्ण कीजिए:  (2)

(2) पदयांश को अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)

Long Answer

Solution

(1)

(2) वर्षा के आगमन से प्रकृति का प्रत्येक अंग हर्षित एवं प्रफुल्लित हो उठा है। बाग-बगीचे, ताल-तलैया आदि सब मुस्करा रहे हैं। पेड़ भी बरसात के मौसम में अपनी मस्ती में झूम रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि वे खुशी के गीत गा रहे हैं। वर्षा का साथ पाकर पवन भी आनंदविभोर हो गया है। उसने अपनी ठंड हवा की झोली प्रसन्न होकर खोल दी है। जिससे वातावरण और अधिक खुशनुमा हो गया है। सोंधी सुगंध मिट्टी से कह रही है कि इसमें जो इत्र है, उसमें बारिश का जिक्र है अर्थात वर्षा में सर्वत्र मोहक खुशबू छा गई है।

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सोंधी सुगंध
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2021-2022 (March) Set 1

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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-

चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा।
एक यहाँ पर नहीं अकेला, होगी टोली, सोंधी-सोंधी सी सुगंध, माटी से बोली।।
बाग-बगीचे, ताल-तलैया, सब मुस्काएँ, झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत सुनाएँ।

(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए- (अपने पद के अनुसार)  (2)

उत्तर
अकेला ______ मुस्काएँ
सोंधी-सोंधी ______ टोली
बाग-बगीचे ______ गीत
झूम-झूमकर ______ माटी

(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)


कृति पूर्ण कीजिए:


कृति पूर्ण कीजिए:


गीत में प्रयुक्‍त क्रियारूप लिखिए:

  1. बाग-बगीचे, ताल-तलैया ______
  2. झूम-झूमकर मस्‍ती में तरु गीत ______
  3. मधुमास आस-विश्वास ______
  4. धरती ने ______

प्रस्तुत गीत की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।

सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली,
बादल बरस गया, धरती ने आँखें खोलीं।
चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा,
सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा। 

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