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Question
प्रस्तुत गीत की प्रथम चार पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, बादल बरस गया, धरती ने आँखें खोलीं। चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा। |
Solution
वर्षा ऋतु में वर्षा होने से तपी हुई ज़मीन पर पानी के बूंदो के गिरने से सोंधी-सोंधी सुगंध आ रही है। यह सोंधी - सोंधी सी सुगंध मिट्टी से कहती है, देखो बादल बरस गए और धरती ने इस दॄश्य को देखने अपनी आँखे खोली है। बरसात हो जाने के कारण पृथ्वी पर चारों ओर हरियाली छा गई है। धरती का जो सपना था, वह अब पूरा हो गया है।
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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
सोंधी-सोंधी-सी सुगंध, माटी से बोली, चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, बाग-बगीचे, ताल-तलैया सब मुस्काएँ, |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)
(2) पदयांश को अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
चारों ओर हुई हरियाली कहे मयूरा, सदियों का जो सपना है हो जाए पूरा। एक यहाँ पर नहीं अकेला, होगी टोली, सोंधी-सोंधी सी सुगंध, माटी से बोली।। बाग-बगीचे, ताल-तलैया, सब मुस्काएँ, झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत सुनाएँ। |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाइए- (अपने पद के अनुसार) (2)
अ | उत्तर | आ |
अकेला | ______ | मुस्काएँ |
सोंधी-सोंधी | ______ | टोली |
बाग-बगीचे | ______ | गीत |
झूम-झूमकर | ______ | माटी |
(2) पहली दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
कृति पूर्ण कीजिए:
कृति पूर्ण कीजिए:
गीत में प्रयुक्त क्रियारूप लिखिए:
- बाग-बगीचे, ताल-तलैया ______
- झूम-झूमकर मस्ती में तरु गीत ______
- मधुमास आस-विश्वास ______
- धरती ने ______