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निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फ़ोटॉन को अवशोषित करता है। जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फ़ोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

निम्नतम अवस्था में विद्यमान एक हाइड्रोजन परमाणु एक फ़ोटॉन को अवशोषित करता है। जो इसे n = 4 स्तर तक उत्तेजित कर देता है। फ़ोटॉन की तरंगदैर्घ्य तथा आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

Numerical

Solution

`"E"_"n" = - (13.6/"n"^2)` eV

निम्नतम अवस्था (n = 1) में ऊर्जा E1 = - 13.6 eV

n = 4 स्तर में ऊर्जा `"E"_4 = - (13.6/4^2)`eV = - 0.85 eV

∴ अवशोषित फ़ोटॉन की ऊर्जा

ΔE = E4 - E1 = [- 0.85 - (- 13.6)] eV = 12.75 eV

∴ ΔE = `"hc"/(Delta "E") = [((6.63 xx 10^-34) xx (3 xx 10^8))/(12.75 xx 1.6 xx 10^-19)]` मीटर

= 0.975 × 10-7 मीटर = 975 Å

फ़ोटॉन की आवृत्ति v = `"c"/lambda = ((3 xx 10^8)/(0.975 xx 10^-7)) = 3.077 xx 10^15` हर्टज

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हाइड्रोजन परमाणु का बोर मॉडल
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Chapter 12: परमाणु - अभ्यास [Page 438]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 12
Chapter 12 परमाणु
अभ्यास | Q 12.6 | Page 438

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  1. बोर मॉडल का उपयोग करके किसी हाइड्रोजन परमाणु में n=1, 2 तथा 3 स्तरों पर इलेक्ट्रॉन की चाल परिकलित कीजिए।
  2. इनमें से प्रत्येक स्तर के लिए कक्षीय अवधि परिकलित कीजिए।

हाइड्रोजन परमाणु में अन्तरतम इलेक्ट्रॉन-कक्षा की त्रिज्या 5.3 x 10-11m है। कक्षा n= 2 और n = 3 की त्रिज्याएँ क्या हैं?


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन के मध्य गुरुत्वाकर्षण, कूलॉम-आकर्षण से लगभग 10-40 के गुणक से कम है। इस तथ्य को देखने का एक वैकल्पिक उपाय यह है कि यदि इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन गुरुत्वाकर्षण द्वारा सम्बद्ध हों तो किसी हाइड्रोजन परमाणु में प्रथम बोर कक्षा की त्रिज्या का अनुमान लगाइए। आप मनोरंजक उत्तर पाएँगे।


जब हाइड्रोजन परमाणु में उत्तेजित इलेक्ट्रॉन n = 6 से मूल अवस्था में जाता है, तो प्राप्त उत्सर्जित रेखाओं की अधिकतम संख्या क्या होगी?


हाइड्रोजन के प्रथम कक्षक से संबंधित ऊर्जा –2.18 × 10–18 J atom–1 है। पाँचवें कक्षक से संबंधित ऊर्जा बताइए।


हाइड्रोजन परमाणु के पाँचवें बोर कक्षक की त्रिज्या की गणना कीजिए।


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन को पहली कक्ष से पाँचवीं कक्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक ऊर्जा की जूल में गणना कीजिए। जब यह इलेक्ट्रॉन तलस्थ अवस्था में लौटता है, तो किस तरंग-दैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
(इलेक्ट्रॉन की तलस्थ अवस्था ऊर्जा −2.18 × 10−11 ergs है।)


हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा En = `(-2.18 × 10^-18)/("n"^2) "J"` द्वारा दी जाती है। n = 2 कक्षा से इलेक्ट्रॉन को पूरी तरह निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। प्रकाश की सबसे लंबी तरंग-दैर्घ्य (cm में) क्या होगी, जिसका उपयोग इस संक्रमण में किया जा सके?


\[\ce{He^+_{ (g)} -> He^{2+}_{ (g)} + e^-}\] प्रक्रिया के लिए आवश्यक ऊर्जा की गणना कीजिए। हाइड्रोजन परमाणु की तलस्थ अवस्था में आयनन ऊर्जा 2.18 × 10−18 J atom1 है।


उत्तेजित अवस्थाओं में अणुओं के जीवनकाल का माप प्रायः लगभग नैनो-सेकंड परास वाले विकिरण स्रोत का उपयोग करके किया जाता है। यदि विकिरण स्रोत का काल 2ns और स्पंदित विकिरण स्रोत के दौरान उत्सर्जित फोटॉनों की संख्या 2.5 × 1015 है, तो स्रोत की ऊर्जा की गणना कीजिए।


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