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‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए। - Hindi Course - B

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Question

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।

Short Note

Solution

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता पर्वतीय सौंदर्य को व्यक्त करने वाली कविता है। प्रकृति का यह सौंदर्य वर्षा में और भी बढ़ जाता है। वर्षा काल में प्रकृति में क्षण-क्षण होने वाला परिवर्तन देखकर लगता है कि प्रकृति सजने-धजने के क्रम में पल-पल अपना वेश बदल रही है। विशाल आकार वाला मेखलाकार पर्वत है जिस पर फूल खिले हैं। पर्वत के पास ही विशाल तालाब है जिसमें पर्वत अपना सौंदर्य निहारता है और आत्ममुग्ध होता है। तालाब का जल इतना स्वच्छ है जैसे दर्पण हो। पर्वतों से गिरते झरने सफ़ेद मोतियों की लड़ियों जैसे लगते हैं।

अचानक बादल उमड़ते हैं। बादलों में पर्वत और झरने अदृश्य हो जाते हैं। ऐसा लगता है जैसे पर्वत विशालकाय पक्षी की भाँति पंख फड़फड़ाकर उड़ जाते हैं। मूसलाधार वर्षा आरंभ हो जाती है। शाल के पेड़ भयभीत होकर धरती में धंसने से लगते हैं। तालाब से धुआँ उठने लगता है। ऐसा लगता है जैसे इंद्र अपनी जादूगरी दिखा रहा है।

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पर्वत प्रदेश में पावस
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Chapter 1.5: पर्वत प्रदेश में पावस - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
Chapter 1.5 पर्वत प्रदेश में पावस
अतिरिक्त प्रश्न | Q 12

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'मेखलाकारशब्द का क्या अर्थ हैकवि ने इस शब्द का प्रयोग यहाँ क्यों किया है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
'सहस्र दृग-सुमनसे क्या तात्पर्य हैकवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवि ने तालाब की समानता किसके साथ दिखाई है और क्यों?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं? बहते हुए झरने की तुलना किससे की गई है?


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
है टूट पड़ा भू पर अंबर।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
गिरिवर के उर से उठ-उठ कर
उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झांक रहे नीरव नभ पर
अनिमेषअटलकुछ चिंतापर।


आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है −
(क) अनेक शब्दों की आवृति पर
(ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर
(ग) कविता की संगीतात्मकता पर


वर्षा ऋतु पर लिखी गई अन्य कवियों की कविताओं का संग्रह कीजिए और कक्षा में सुनाइए।


‘पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


पर्वतीय प्रदेश में स्थित तालाब के सौंदर्य का चित्रण कीजिए।


पर्वत से गिरने वाले झरनों की विशेषता लिखिए।


निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 25 से 30 शब्दों में लिखिए:

‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता के आधार पर कवि ने वृक्षों को पर्वतों की उच्चाकांक्षाएँ क्यों कहा है?


'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर बताइए कि पर्वतों की ऊँचाई से गिरने वाले झरने किसके यश का गुणगान कर रहे हैं?


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