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Question
प्रथम पाँच पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं ।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर ........
Short Note
Solution
प्रस्तुत कविता में गुलजार ने किताबों के कम हो रहे चलन के बारे में बताया है। उनके अनुसार किताबें अब सिर्फ अलमारी में बंद रहती हैं और उससे बाहर निकलने की हसरत लिए वे अलमारी के शीशे से ताकती रहती हैं। महीने बीत जाते हैं, लेकिन किताबों से मुलाकात नहीं होती है। एक समय था, जब लोग अक्सर शाम का वक्त किताबों के साथ बिता दिया करते थे।
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किताबें
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