English

पृथ्वी से किसी रॉकेट को सूर्य की ओर दागा गया है। पृथ्वी के केन्द्र से किस दूरी पर रॉकेट पर गुरुत्वाकर्षण बल शून्य है? सूर्य का द्रव्यमान = 2×1030 kg - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

पृथ्वी से किसी रॉकेट को सूर्य की ओर दागा गया है। पृथ्वी के केन्द्र से किस दूरी पर रॉकेट पर गुरुत्वाकर्षण बल शून्य है? सूर्य का द्रव्यमान = 2 × 1030 kg, पृथ्वी का द्रव्यमान = 6 × 1024 kg| अन्य ग्रहों आदि के प्रभावों की उपेक्षा कीजिए (कक्षीय त्रिज्या = 1.5 × 1011 m)।

Numerical

Solution

माना पृथ्वी के केन्द्र से x मीटर की दूरी पर रॉकेट पर गुरुत्वाकर्षण बल शून्य है। इस क्षण रॉकेट की सूर्य से दूरी = (r – x) मीटर

जहाँ r = सूर्य तथा पृथ्वी के बीच की दूरी अर्थात् पृथ्वी की कक्षीय त्रिज्या = 1.5×1011 मीटर यह तब भी संभव है जबकि –
पृथ्वी द्वारा रॉकेट पर आरोपित गुरुत्वाकर्षण बल = सूर्य द्वारा रॉकेट पर आरोपित गुरुत्वाकर्षण बल

अर्थात `("GM"_"e". "m")/"x"^2 = ("GM"_"s" . "m")/("r" - "x")^2`  (जहाँ m = रॉकेट का द्रव्यमान; Me = पृथ्वी का द्रव्यमान)

= `6 xx 10^24` kg तथा Ms = सूर्य का द्रव्यमान = 2 × 1030 kg

अतः `(("r" - "x")/"x")^2 = "M"_"s"/"M"_"e" = (2 xx 10^30" kg")/(6 xx 10^24  "kg")`

= `1/3 xx 10^6`

∴ `(("r" - "x")/"x")^2 = sqrt(1/3 xx 10^6)`

= `10^3/sqrt3`

=`10^3/1.732`

= 577.37

अथवा r - x = 577.37x   या 578.37x = r

∴ `"x" = ("r"/578.37) `

= `(1.5 xx 10^11  "m")/578.37`

= `2.593 xx 10^8` m

= `2.6 xx 10^8` m

shaalaa.com
न्यूटन का वैश्विक गुरुत्वाकर्षण का नियम
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 8: गुरुत्वाकर्षण - अभ्यास [Page 207]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 8 गुरुत्वाकर्षण
अभ्यास | Q 8.12 | Page 207

RELATED QUESTIONS

आप किसी आवेश का वैद्युत बलों से परिरक्षण उस आवेश को किसी खोखले चालक के भीतर रखकर कर सकते हैं। क्या आप किसी पिण्ड का परिरक्षण, निकट में रखे पदार्थ के गुरुत्वीय प्रभाव से, उसे खोखले गोले में रखकर अथवा किसी अन्य साधनों द्वारा कर सकते हैं?


पृथ्वी के परितः परिक्रमण करने वाले छोटे अन्तरिक्षयान में बैठा कोई अन्तरिक्ष यात्री गुरुत्व बल का संसूचन नहीं कर सकता। यदि पृथ्वी के परितः परिक्रमण करने वाला अन्तरिक्ष स्टेशंन आकार में बड़ा है, तब क्या वह गुरुत्व बल के संसूचन की आशा कर सकता है?


यदि आप पृथ्वी पर सूर्य के कारण गुरुत्वीय बल की तुलना पृथ्वी पर चन्द्रमा के कारण गुरुत्व बल से करें, तो आप यह पाएँगे कि सूर्य का खिंचाव चन्द्रमा के खिंचाव की तुलना में अधिक है (इसकी जाँच आप स्वयं आगामी अभ्यासों में दिए गए आँकड़ों की सहायता से कर सकते हैं) तथापि चन्द्रमा के खिंचाव का ज्वारीय प्रभाव सूर्य के ज्वारीय प्रभाव से अधिक है। क्यों?


बढ़ती गहराई के साथ (पृथ्वी को एकसमान घनत्व का गोला मानकर) गुरुत्वीय त्वरण ______ है।


गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी के ______ के द्रव्यमान पर निर्भर नहीं करता।


पृथ्वी के केन्द्र से r2, तथा r1 दूरियों के दो बिन्दुओं के बीच स्थितिज ऊर्जा- अन्तर के लिए सूत्र – G Mm (1/r2 -1/r1) सूत्र mg (r2 – r1) से ______ यथार्थ है।


निम्नलिखित में से कौन-से लक्षण अन्तरिक्ष में अन्तरिक्ष यात्री के लिए दुःखदायी हो सकते हैं?

  1. पैरों में सूजन,
  2. चेहरे पर सूजन,
  3. सिरदर्द,
  4. दिविन्यास समस्या।

आप सूर्य को कैसे तोलेंगे, अर्थात् उसके द्रव्यमान का आकलन कैसे करेंगे? सूर्य के परितः पृथ्वी की कक्षा की औसत त्रिज्या 1.5 × 108 km है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×