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Question
‘प्रकृति मनुष्य की मित्र है’ अपने विचार स्पष्ट कीजिए।
Solution
प्रकृति और मनुष्य के बीच बहुत गहरा संबंध है, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। धरती, घर का आँगन, आकाश, छत, सूरज, चाँद, तारे, दीपक, समुद्र, नदी, पेड़-पौधे ये सभी मनुष्य के भोजन के स्रोत हैं। इतना ही नहीं, मनुष्य के लिए प्रकृति से अच्छा गुरु नहीं है। प्रकृति के विनाश को रोकने के लिए हमें इसे स्वच्छ रखना होगा। प्रकृति ईश्वर द्वारा प्रदान किया गया एक अद्भुत उपहार है। प्रकृति इतनी सुंदर है कि इसमें ऐसे ही कई महत्वपूर्ण शक्ति सम्मिलित है जो हमें खुशी और स्वस्थ जीवन प्रदान करता है। आज तक मनुष्य ने जो कुछ हासिल किया वह सब प्रकृति से सीखकर ही किया है। हमारे आस-पास सब कुछ प्रकृति है जो बहुत खूबसूरत पर्यावरण से घिरी हुई है। हम हर पल इसे देख सकते है और इसका लुफ्त उठा सकते है। हम हर जगह इसमें प्राकृतिक बदलावों को देखते, सुनते, और महसूस करते है। प्रकृति के पास हमारे लिए सब कुछ है लेकिन हमारे पास उसके लिए कुछ नहीं है, बल्कि हम उसकी दी गई संपत्ति को अपने निजी स्वार्थों के लिए दिनों-दिन बरबाद कर रहे है। आज के आधुनिक तकनीकी युग में रोज बहुत सारे आविष्कार हो रहे है जिसका हमारी पृथ्वी के प्रति फायदे-नुकसान के बारे में नहीं सोचा जा रहा है। मनुष्य और प्रकृति के बीच एक मित्रता विकसित करने से हम अपने जीवन को सुसंगत बना सकते हैं। हमें प्रकृति का संरक्षण करना चाहिए, जैसे कि वन्य जीवों के संरक्षण, वायुमंडल के प्रदूषण को कम करना, और प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करना। प्रकृति और मनुष्य में मित्रता का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है, क्योंकि यह हमारे जीवन और आने वाले पीढ़ियों के लिए सुरक्षा और समृद्धि का आधार है। इन्सान ने समय के परिवर्तन के साथ-साथ स्वयं में भी बदलाव करते हुए आज स्वयं को साधन सम्पन्न बना दिया हैं। एक समय इन्सान और जानवर में कोई फर्क नहीं था मगर प्रकृति का सहयोग लेकर इसने स्वयं को आधुनिक बनाया हैं।