Advertisements
Advertisements
Question
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
विकृतीकरण
Solution
जैविक निकाय में पाई जाने वाली विशेष त्रिविम संरचना तथा जैविक सक्रियता वाले प्रोटीन, प्राकृत प्रोटीन कहलाता हैं। जब प्राकृत प्रोटीन में भौतिक परिवर्तन करते हैं, जैसे ताप में परिवर्तन अथवा रासायनिक परिवर्तन करते हैं, जैसे - pH में परिवर्तन आदि किया जाता है तो हाइड्रोजन आबंधों में अस्तव्यस्तता उत्पन्न हो जाती है। जिसके कारण गोलिका (ग्लोब्यूल) खुल जाती है तथा हैलिक्स अकुंडलित हो जाती है तथा प्रोटीन अपनी जैविक सक्रियता को खो देता है। इसे प्रोटीन का विकृतीकरण कहते हैं। विकृतीकरण के दौरान 2° तथा 3° संरचनाएँ नष्ट हो जाती हैं, परंतु 1° संरचना अप्रभावित रहती है। उबालने पर अंडे की सफेदी का स्कंदन विकृतीकरण का एक सामान्य उदाहरण है। एक अन्य उदाहरण दही का जमना है। जो दूध में उपस्थित बैक्टीरिया द्वारा लैक्टिक अम्ल उत्पन्न होने के कारण होता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
क्या आप प्रोटीन की अवधारणा के आधार पर वर्णन कर सकते हैं कि दूध का दही अर्थवा योगर्ट में परिवर्तन किस प्रकार होता है?
प्रोटीन, वसा व तेल, अमीनो अम्लों का विश्लेषणात्मक परीक्षण बताइए एवं किसी भी फल के रस, लार, पसीना तथा मूत्र में इनका परीक्षण करें?
ऐमीनो अम्लों के गलनांक एवं जल में विलेयता सामान्यतः संगत हैलो अम्लों की तुलना में अधिक होती है। समझाइए।
अंडे को उबालने पर उसमें उपस्थित जल कहाँ चला जाता है?
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
पेप्टाइड बंध
प्रोटीन के संदर्भ में निम्नलिखित को परिभाषित कीजिए।
प्राथमिक संरचना
प्रोटीन की द्वितीयक संरचना के सामान्य प्रकार क्या हैं?
प्रोटीन की α-हेलिक्स संरचना के स्थायीकरण में कौन-से आबंध सहायक होते हैं?
रेशेदार तथा गोलिकाकार (globular) प्रोटीन को विभेदित कीजिए।
प्रोटीन की संरचना पर विकृतीकरण का क्या प्रभाव होता है?