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प्रत्येक भाषा ऐसी त्रिवेणी हैं, जिसकी एक घास व्यावहारिक जीवन के आदान-प्रदान सहज करती है, दूसरी मानव की बुद्धि और हृदय की समृद्धि को अन्य मानवों के बुद्धि तथा हृदय के लिए संप्रेषणशील - Hindi [हिंदी]

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Question

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

प्रत्येक भाषा ऐसी त्रिवेणी हैं, जिसकी एक घास व्यावहारिक जीवन के आदान-प्रदान सहज करती है, दूसरी मानव की बुद्धि और हृदय की समृद्धि को अन्य मानवों के बुद्धि तथा हृदय के लिए संप्रेषणशील बनाती है और तीसरी अंत:सलिला के समान किसी भेदातीत, स्थिति की संयोजिका है।

हमारे विशाल देश की रूपात्मक विविधता उसकी सांस्कृतिक एकता की पूरक रहीं है, उसकी विरोधिरों नहीं। इसी, से विशेष जीवन पद्धति चिंतन, रागात्मक दृष्टि, सौंदर्य बोध आदि के संबंध में तत्वगत एकता ने देश के व्यक्तित्व को इतने विघटनधर्मा विवर्तनों में भी संश्लिष्ट रखा है।

धरती का कोई खंड, नदी, पर्वत, समतल आदि का संघात कहा जा सकता है। मनुष्यों को आकरिमफ रूप से एकत्र भीड़ मानव समूह की संज्ञा पा सकती है।

  1. उत्तर लिखिए:  [2]
    भाषा की धाराएँ ये करती हैं -           
    1. ..................
    2. ..................
  2. 'अपने विचारों को अभिव्यक्त करने का माध्यम हैं भाषा' इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  [2]
Comprehension

Solution


    1. व्यावहारिक जीवन के आदान-प्रदान को सहज बनाती हैं।
    2. मानव की बुद्धि और हृदय की समृद्धि को दूसरों के लिए संप्रेषणशील बनाती हैं।
  1. भाषा मानव की भावनाओं और विचारों को व्यक्त करने का महत्वपूर्ण साधन है। इसके द्वारा हम अपनी अनुभूतियाँ, ज्ञान व दृष्टिकोण एक-दूसरे तक आसानी से पहुँचा सकते हैं।
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