Advertisements
Advertisements
Question
पर्यटन के संबंध में 'अतिथि देवो भव' यह संकल्पना कहाँ तक सार्थक है, स्पष्ट कीजिए।
Solution
- संस्कृत में "अतिथि देवो भव" का अर्थ है "अतिथि हमारे भगवान हैं"। यह भारत में पर्यटकों के साथ व्यवहार में सुधार करने के लिए किया जाता है। यह पर्यटन मंत्रालय के अभियान का एक प्रसिद्ध वाक्य है।
- भारत हर साल लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है, लेकिन यह अन्य स्थलों की तुलना में अभी भी बहुत पीछे है।
- भारत की यात्रा करने वाले पर्यटकों की संख्या में सुधार करने के प्रयास के साथ, भारत के पर्यटन विभाग ने यह सामाजिक जागरूकता अभियान शुरू किया जो प्रदान करता है टैक्सी ड्राइवरों को प्रशिक्षण और अनुकूल, मार्गदर्शक, अप्रवासी, पुलिस और अन्य कर्मियों जो पर्यटकों के साथ सीधे बातचीत करते हैं।
- यह अभियान हमारे देश के नागरिकों को हमारी सांस्कृतिक विरासत के महत्व, स्वच्छता के लाभ, विदेशी पर्यटकों के महत्व और हमारे ऐतिहासिक स्मारकों को बनाए रखने के बारे में शिक्षित करता है।
- इन सभी प्रयासों से हमारे देश का आर्थिक विकास होगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
पर्यटन के कोई तीन प्रकार स्पष्ट कीजिए।
निम्न कथन कारण सहित स्पष्ट कीजिए:
चिकित्सा संबंधी सेवाओं के कारण बड़ी संख्या में लोग भारत आने लगे हैं।
निम्न विधान से पर्यटन के प्रकार पहचानिए।
गोवा कार्निवल देखने के लिए पुर्तगाली पर्यटक गोवा में आए थे।
निम्न विधान से पर्यटन के प्रकार पहचानिए।
पुंडलिकराव ने सहपरिवार चारधाम की यात्रा पूर्ण की।
निम्न विधान से पर्यटन के प्रकार पहचानिए।
पुणे की रामेश्वरी अपने सहेली के साथ 'हुरडा पार्टी' एवं आधुनिक तथा पारंपारिक खेती विषयक जानकारी प्राप्त करके आई है।
पर्यटन के कौन-कौन से उद्देश्य होते हैं?
पर्यटन स्थलों पर आने वाली समस्याएँ बता कर इसके उपाय लिखिए।
महाराष्ट्र के पर्यटन स्थल का मानचित्र दिया गया है, उसके आधार पर निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
(अ) गर्म पानी के झरनों की सूची बनाइए। वे स्थान वहाँ होने का कारण बताइए।
(आ) यातायात के मार्ग और पर्यटन स्थलों का विकास, इनके बीच सहसंबंध किन-किन स्थानों पर दिखाई दे रहा है?
पर्यटन को प्रेरित करने के लिए विज्ञापन तैयार करके कक्षा में प्रस्तुत कीजिए ।
निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए: