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राम और लक्ष्मण ने महाराज दशरथ के निर्णय को खुशी-खुशी स्वीकार किया। तुम्हारी समझ में इसका क्या कारण रहा होगा? - Hindi (हिंदी)

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Question

राम और लक्ष्मण ने महाराज दशरथ के निर्णय को खुशी-खुशी स्वीकार किया। तुम्हारी समझ में इसका क्या कारण रहा होगा?

One Line Answer

Solution

महर्षि विश्वामित्र ने राम और लक्ष्मण की हिम्मत बढ़ाने के लिए ऐसा कहा ताकि राम-लक्ष्मण डरे नहीं साथ ही जानवरों व वनस्पतियों के महत्व को समझें।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 1: बाल रामकथा - प्रश्न अभ्यास [Page 85]

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NCERT Hindi - Bal Ramkatha Class 6
Chapter 1 बाल रामकथा
प्रश्न अभ्यास | Q 4 | Page 85

RELATED QUESTIONS

तुमने बहुत सी पौराणिक कथाएँ और लोक कथाएँ पढ़ी होंगी। उनमें क्या अंतर होता है? यह जानने के लिए पाँच-पाँच के समूह में कक्षा के बच्चे दो-दो पौराणिक कथाएँ और लोक कथाएँ इकट्ठा करें। कथ्य (कहानी), भाषा आदि के अनुसार दोनों प्रकार की कहानियों का विश्लेषण करें और उनके अंतर लिखें।


रामायण के रचयिता कौन थे?


लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या-क्या काम करती थीं?


श्यामा माँ से बोली, “मैंने आपकी बातचीत सुन ली है।”
ऊपर दिए उदाहरण में मैंने का प्रयोग ‘श्यामा’ के लिए और आपकी का प्रयोग ‘माँ’ के लिए हो रहा है। जब सर्वनाम का प्रयोग कहने वाले, सुनने वाले या किसी तीसरे के लिए हो, तो उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। नीचे दिए गए वाक्यों में तीनों प्रकार के पुरुषवाचक सर्वनामों के नीचे रेखा खींचो-


बहुविकल्पीय प्रश्न:

लेखिका बचपन में इतवार की सुबह क्या काम करती थी?


बहुविकल्पी प्रश्न

बच्चों के मन में क्या जिज्ञासा थी?


आज हज़ारों पुस्तकें और समाचार-पत्र छपने लगे हैं। यह कैसे संभव हुआ?


छोटू का परिवार कहाँ रहता था?


क्या मोहन के पेट में सचमुच दर्द था?


बहुविकल्पीय प्रश्न
नागराजन को लड़के क्यों घेरे रहते थे?

बहुविकल्पीय प्रश्न
लेखिका को किसमें आनंद मिलता है?

लाखों-करोड़ों वर्ष पहले हमारी धरती कैसी थी?


लेखिका को किस काम से खुशी मिलती है?

‘कुछ खास तो नहीं’–हेलेन की मित्र ने यह जवाब किस मौके पर दिया और यह सुनकर हेलेन को आश्चर्य क्यों नहीं हुआ?


कान से न सुन पाने पर आस-पास की दुनिया कैसी लगती होगी? इस पर टिप्पणी लिखो और कक्षा में पढ़कर सुनाओ।


अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।

  • अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-

मिठास

भूख

शांति

भोलापन

बुढ़ापा

घबराहट

बहाव

फुर्ती

ताज़गी

क्रोध

मज़दूरी

अहसास

  1. इस तसवीर में तुम्हारी पहली नज़र कहाँ जाती है?
  2. गली में क्या-क्या चीजें हैं?
  3. इस गली में हमें कौन-कौन सी आवाजें सुनाई देती होंगी?
    सुबह के वक्त दोपहर के वक्त
    शाम के वक्त रात के वक्त
  4. अलग-अलग समय में ये गली कैसे बदलती होगी?
  5. ये तारें गली को कहाँ-कहाँ जोड़ती होंगी?
  6. साइकिलवाला कहाँ से आकर कहाँ जा रहा होगा?

निबंध के आधार पर और अपने अनुभव के आधार पर (यदि तुम्हें लोकगीत सुनने के मौके मिले हैं तो) तुम लोकगीतों की कौन-सी विशेषताएँ बता सकते हो?


लंदन में भोज पर बुलाए जाने पर गांधी जी ने क्या किया?


नीचे लिखे गए शब्द पाठ से लिए गए हैं। इन्हें पाठ में खोजकर बताओ कि ये स्त्रीलिंग हैं या पुल्लिंग।

  • कालिख
  • भराई
  • चक्की
  • रोशनी
  • सेवा
  • पतीला

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