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Question
रासायनिक अभिक्रियाओं के संघट्ट सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
Options
यह अभिक्रिया करने वाले अणुओं अथवा परमाणुओं को कठोर गोले मानता है और उनके संरचनात्मक गुणों पर ध्यान नहीं देता।
प्रभावी संघट्टों की संख्या अभिक्रिया दर निर्धारित करती है।
उत्पाद पर्याप्त देहली ऊर्जा प्राप्त अणुओं अथवा परमापुओं के संघट्ट के परिणामस्वरूप बनते हैं।
संघट्ट के प्रभावी होने के लिए अणुओं को पर्याप्त देहली ऊर्जा और उचित अभिविन्यास के साथ टकराना चाहिए।
Solution
उत्पाद पर्याप्त देहली ऊर्जा प्राप्त अणुओं अथवा परमापुओं के संघट्ट के परिणामस्वरूप बनते हैं।
स्पष्टीकरण -
उत्पाद पर्याप्त देहली ऊर्जा प्राप्त अणुओं अथवा परमापुओं के संघट्ट के परिणामस्वरूप बनते हैं। किसी भी अभिक्रिया के लिए संघट्ट के सिद्धांत के स्थान हैं:
- अणुओं की टक्कर के लिए पर्याप्त प्रारम्भ ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
- अणुओं का उचित उन्मुखीकरण होना चाहिए।
- टकराव प्रभावशाली होना चाहिए।
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II | 0.3 | 0.2 | 7.2 × 10−2 |
III | 0.3 | 0.4 | 2.88 × 10−1 |
IV | 0.4 | 0.1 | 2.40 × 10−2 |
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कॉलम I | कॉलम II |
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