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Question
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिंदी में लिखिए:
क्या राह में परिचय कहूँ राही हमारा नाम है। चलना हमारा काम है। जीवन अपूर्ण लिए हुए, पाता कभी, खोता कभी, आशा-निराशा से घिरा, हँसता कभी, रोता कभी । गति मति न हो अवरुद्ध, इसका ध्यान आठों याम है। चलना हमारा काम है- शिवमंगल सिंह सुमन |
- राही किसे कहा गया है और क्यों? [2]
- कवि के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में किस- स प्रकार के अनुभवों का सामना करना पड़ता है? [2]
- 'आठों याम' से कवि का क्या अशिप्राय है? इस समय में कवि प्रभु से क्या प्रार्थना करते है और क्यों ? [3]
- जीवन में निरंतर चलते रहना क्यों आवश्यक है? यदि मनुष्य के दिल में लगातार चलने की चाह ही नहीं रहे तो इस के क्या- दुष्परिणाम हो सकते हैं? कविता के आधार पर बताइए। [3]
Answer in Brief
Solution
- राही उस व्यक्ति को कहा गया है जो जीवन की यात्रा पर निरंतर चलता रहता है। यह व्यक्ति अपनी मंजिल की ओर अग्रसर होता है और जीवन के रास्ते में आने वाली कठिनाइयों से नहीं रुकता।
- कवि के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में कभी कुछ पाने, कभी खोने, आशा और निराशा, हँसने और रोने जैसे अनुभवों का सामना करना पड़ता है। ये सभी अनुभव जीवन का हिस्सा हैं और व्यक्ति को इनसे गुजरना पड़ता है।
- 'आठों याम' का आशय है दिन और रात के सभी समय। कवि इस समय में प्रभु से प्रार्थना करते हैं कि उनकी गति और मति अवरुद्ध न हो, ताकि वे निरंतर अपने मार्ग पर चलते रहें और अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होते रहें।
- जीवन में निरंतर चलते रहना इसलिए आवश्यक है क्योंकि यह हमें हमारे लक्ष्य की ओर ले जाता है और हमें अनुभव और ज्ञान प्रदान करता है। यदि मनुष्य के दिल में लगातार चलने की चाह नहीं रहे तो वह निराशा और हताशा में डूब सकता है, और अपने उद्देश्य से भटक सकता है। कविता में कवि ने बताया है कि चलना हमारा काम है और यही हमें सफलता की ओर ले जाता है।
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चलना हमारा काम है
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