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Question
सामान्य स्थिति में अंतःश्वसन प्रक्रिया की व्याख्या करें?
Answer in Brief
Solution
- सामान्य स्थिति में अन्त:श्वास में गुम्बदनुमा डायफ्राम पेशियों में संकुचन के कारण चपटा सा हो जाता है। डायफ्राम की गति के साथ बाह्य अन्तरापर्शक पेशियों में संकुचने से पसलियाँ सीधी होकर ग्रीवा की तथा बाहर की तरफ खिंचती है।
- इससे उरोस्थि ऊपर और आगे की ओर उठ जाती है। इन गतियों के कारण वक्षगुहा का आयतन बढ़ जाता है और फेफड़े फूल जाते हैं। वक्ष गुहा और फेफड़ों में वृद्धि के कारण वायुकोष्ठकों या कूपिकाओं में वायुदाब लगभग 1 से 3mm Hg कम हो जाता है।
- इसकी पूर्ति के लिए वायुमण्डलीय वायु श्वास मार्ग से कूपिकाओं में पहुँच जाती है। इस क्रिया को अन्तःश्वास कहते हैं। इसके द्वारा मनुष्य (अन्य स्तनी) वायु ग्रहण करते हैं।
श्वासोच्छ्वास की क्रिया
![]() |
अन्त:श्वास |
![]() |
निःश्वसन |
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श्वासन की क्रियाविधि - श्वसन संबंधी आयतन और क्षमताएं
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