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Question
समाचारपत्र की आवश्यकता के बारे में अपने विचार लिखिए।
Solution
समाचार पत्र एक शक्तिशाली उपकरण है जो लोगों तक सूचना प्रसारित करता है। यह लोगों और दुनिया के बीच संचार का सबसे बड़ा साधन है। साथ ही ये ज्ञान का भी एक बड़ा माध्यम हैं समाचारों की दैनिक आहार हमें सुबह-सुबह समाचार पत्रों से मिलती है। यह काफी विश्वसनीय स्रोत है जो पूरी तरह से जानकारी की जांच करने के बाद ही हमें जानकारी देता है। अखबार ने समाज पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। यह लोगों को वर्तमान मामलों के बारे में जागरूक होने और उनके बारे में उत्सुक रहने में मदद करता है। जब जनता सवाल करेगी तो इसका मतलब है कि वह जागरूक है। यह बिल्कुल वही है जो एक अखबार करता है। जैसे-जैसे दुनिया आगे बढ़ रही है, सब कुछ डिजिटल होता जा रहा है। खरीदारी से लेकर समाचार पढ़ने तक, हम यह सब अपने iPhone या कंप्यूटर पर कर सकते हैं। डिजिटलीकरण का असर समाचार पत्र उद्योग पर भी पड़ा है। अखबारों की बिक्री कम हो गई है क्योंकि लोग अपने फोन पर नवीनतम समाचारों पर तात्कालिक अपडेट प्राप्त कर सकते हैं। समाचार पत्र जानकारी का एक बड़ा स्रोत हैं जो घर पर भी उपलब्ध हो सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को समाचार पत्र पढ़ने की आदत को अपने जीवन में अवश्य अपनाना चाहिए। आज की डिजिटल दुनिया में जानकारी का ऑनलाइन स्रोत आसानी से उपलब्ध है लेकिन ऐसी जानकारी की प्रामाणिकता और विश्वसनीयता ज्ञात नहीं है। यह समाचार पत्र ही है जो हमें सटीक और सत्यापित जानकारी प्रदान करना सुनिश्चित करता है।
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RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
साँझ हो चली थी, डिब्बे को बत्तियाँ जलने लगी थीं, लोगों ने अपने-अपने होल्डॉल बिछाने शुरू कर दिए। मैंने भी थककर चूर हो जाने के कारण सिरदर्द की एक गोली खाई और लेटना चाहा। सहयात्री ने देखा तो पूछा- “क्या आपको सिरदर्द हो रहा है?'' मैंने कहा - “जी हाँ।” बोले - “आप ऐसी-वबैसी गोलियाँ क्यों खाते हैं, इससे रिएक्शन हो सकता है। फिर पूछा - “कल क्या खाया था। रास्ते में कहीं पूरी-कचौड़ी तो नहीं खा ली? अरे! ये रेलवे ठेकेदार कल की बासी पूरी-कचौड़ी को उबलती कड़ाही में डालकर ताजा के नाम पर बेचते हैं। कहेंगे हाथ लगाकर देख लो, गरम है कि नहीं। उन्हें तो अपनी जेब गरम करनी है।” “मैं तो घर से पराँठे लेकर चलता हूँ। रास्ते में कोई और पराँठेवाला मिल जाता है तो दो और दो-चार मिलाकर खाने में मजा आ जाता है।'” फिर पूछा - “आपको सिरदर्द कितने समय से है? क्या यह पैतृक बीमारी है या केवल आपको ही है?'' मैंने कहा - ''मेरे परिवार में सभी के सिर हैं, अतएव सबको सिरदर्द होना स्वाभाविक है।'' |
(1) उत्तर लिखिए: (2)
(i)
(ii)
(2) (i) गदयांश में आए अंग्रेजी शब्द ढूँढ़ुकर लिखिए: (1)
- ____________
- ____________
(ii) निम्नलिखित शब्द के दो पर्यायवाची शब्द लिखिए: (1)
रास्ता = (1) ______; (2) ______
(3) “रेल यात्रा पर जाने से पहले आरक्षण की आवश्यकता है” इस संदर्भ में 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
अगर ट्रेन में रेलवे कर्मचारी का साथ हो जाए तो सारे रास्ते गाड़ियों के शंटिग करने को आवाज सुनाई देगी। कोई कहेगा, ''एट अप से आ रहा हूँ, सेवन डाऊन से लौटना है। अगर स्टेशन मास्टर ने सिग्नल नहीं दिया और गाड़ी आऊटर पर आकर खड़ी हो गई तो रात वापस घर लौटना मुश्किल है। आजकल तो, ' मेल को रोककर माल ' को पास करना पड़ता है। कारण मालगाड़ी में भरे माल के बिगड़ने का डर रहता है, जबकि मेल में बैठा आदमी बिगड़ता नहीं। अरे ! नाराज भी तो नहीं होता। क्या खाकर नाराज होगा। |
(1) आकृति पूर्ण कीजिए- (2)
(2) (i) गद्यांश में प्रयुक्त दो अंग्रेजी के शब्द लिखें। (1)
(क) ____________
(ख) ____________
(ii) गद्यांश में प्रयुक्त विलोम शब्द लिखें। (1)
______ × ______
(3) भारतीय रेलवे की विशेषताएँ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
परिच्छेद पर आधारित कृतियाँ:-
भले ही आपने उसे अभी-अभी खरीदा हो और उसे खोलकर पढ़ना तो दूर पन्ने पलटकर भी न देखा हो; लेकिन आपके उत्तर की प्रतीक्षा किए बिना अखबार सामने वाले के हाथों में होगा। अब आपकी स्थिति माँगने वालों की हो जाएगी और आप उत्सुकता से राह देखेंगे कि समाचारपत्र अब लौटे कि तब। तभी वे सज्जन एक जम्हाई लेकरउसे बेतरतीबी से मोड़ते हुए किसी दूसरे माँगने वाले की ओर इस तरह शान से बढ़ा देंगे मानो समाचारपत्र आपका नहीं; उनकी निजी संपत्ति हो। देखते-देखते समाचारपत्र के पन्ने एक-दूसरे से जुदा होकर पूरे डिब्बे के चक्कर काटने लगेंगे। मजे की बात यह है कि एक समाचारपत्र के कितने उपयोग हो सकते हैं, इसका अंदाज रेल की यात्रा करते समय ही लगाया जा सकता है। कोई ललित निबंध के तो कोई संपादकीय पन्ने से अपनी सीट झाड़ता नजर आएगा। कोई समाचारपत्र फैलाकर उसपर भोजन करता दिखाई पड़ेगा। बेचारे समाचारपत्र वाले ने भी कभी सोचा नहीं होगा कि उसके पत्र के इतने उपयोेग हो सकते हैं। |
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:-
परिच्छेद पर आधारित कृतियाँ:-
भले ही आपने उसे अभी-अभी खरीदा हो और उसे खोलकर पढ़ना तो दूर पन्ने पलटकर भी न देखा हो; लेकिन आपके उत्तर की प्रतीक्षा किए बिना अखबार सामने वाले के हाथों में होगा। अब आपकी स्थिति माँगने वालों की हो जाएगी और आप उत्सुकता से राह देखेंगे कि समाचारपत्र अब लौटे कि तब। तभी वे सज्जन एक जम्हाई लेकरउसे बेतरतीबी से मोड़ते हुए किसी दूसरे माँगने वाले की ओर इस तरह शान से बढ़ा देंगे मानो समाचारपत्र आपका नहीं; उनकी निजी संपत्ति हो। देखते-देखते समाचारपत्र के पन्ने एक-दूसरे से जुदा होकर पूरे डिब्बे के चक्कर काटने लगेंगे। मजे की बात यह है कि एक समाचारपत्र के कितने उपयोग हो सकते हैं, इसका अंदाज रेल की यात्रा करते समय ही लगाया जा सकता है। कोई ललित निबंध के तो कोई संपादकीय पन्ने से अपनी सीट झाड़ता नजर आएगा। कोई समाचारपत्र फैलाकर उसपर भोजन करता दिखाई पड़ेगा। बेचारे समाचारपत्र वाले ने भी कभी सोचा नहीं होगा कि उसके पत्र के इतने उपयोेग हो सकते हैं। |
लिखिए:
असत्य विधान को सत्य करके लिखिए:
लेखक को सुपरफास्ट ट्रेन के बजाय एक्सप्रेस से यात्रा करना ज्यादा पसंद नहीं है।
असत्य विधान को सत्य करके लिखिए:
लेखक को पेटदर्द हो रहा था।
असत्य विधान को सत्य करके लिखिए:
लेखक को भागते वृक्षों का साथ निभाने में कम मजा आता था।
असत्य विधान को सत्य करके लिखिए:
सभी सिरवालों को सिरदर्द होना अस्वाभाविक है।
लिखिए:
पाठ में प्रयुक्त रेल विभाग से संबंधित शब्दों की सूची बनाइए:
कारण लिखिए:
कभी-कभी ‘मेल’ को रोककर ‘माल’ को पास करना पड़ता है।
कारण लिखिए:
लेखक को सिरदर्द की गोली लेनी पड़ी।
‘मेक इन इंडिया’ नीति पर अपने विचार लिखिए।