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Question
समान पदार्थ के दो तारों में यदि एक पतला तथा दूसरा मोटा हो तो इनमें से किसमें विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होगी जबकि उन्हें समान विद्युत स्रोत से संयोजित किया जाता है? क्यों?
Solution 1
मोटे तार में विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित होगी क्योंकि चालक का प्रतिरोध चालक के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अगर तार जितना मोटा होगा, प्रतिरोध उतना ही कम होगा और इसलिए करंट आसानी से बहेगा
Solution 2
प्रतिरोध (R) तार के अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (A) के व्युत्क्रमानुपाती होता है। इसका मतलब है कि जितनी मोटी तार होगी, उसका प्रतिरोध उतना ही कम होगा, और इसके विपरीत। इसलिए, मोटी तार के माध्यम से धारा पतली तार की तुलना में अधिक आसानी से प्रवाहित हो सकती है।
`R = rho xx l/A`
`R ∝ 1/A`
Solution 3
किसी चालक का प्रतिरोध उसके अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है, अर्थात् `R ∝ 1/A`। इसलिए, जब चालक की तार मोटी होती है, तो उसका प्रतिरोध कम हो जाता है और पतली तार की तुलना में धारा आसानी से प्रवाहित होती है।
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किसी चालक का प्रतिरोध किन कारकों पर निर्भर करता है?
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर तालिका में दिए गए आँकड़ों के आधार पर दीजिएः
आयरन (Fe) तथा मर्करी (Hg) में कौन अच्छा विद्युत चालक है?
20°C पर कुछ पदार्थों विद्युत प्रतिरोधकता | ||
पदार्थ | प्रतिरोध (Ω m) | |
चालक | सिल्वर | 1.60 × 10–8 |
कॉपर | 1.62 × 10–8 | |
ऐलुमिनियम | 2.63 × 10–8 | |
टंगस्टन | 5.20 × 10–8 | |
निकैल | 6.84 × 10–8 | |
आयरन | 10.0 × 10–8 | |
क्रोमियम | 12.9 × 10–8 | |
मर्करी | 94.0 × 10–8 | |
मैंगनीज़ | 1.84 × 10–6 | |
मिश्रातुएँ | कांस्टेंटन (Cu तथा Ni की मिश्रातु) |
49 × 10–6 |
मैंगनीज़ (Cu, Mn तथा Ni की मिश्रातु) |
44 × 10–6 | |
निक्रोम (Ni, Cr, Mn तथा Fe की मिश्रातु) |
100 × 10–6 | |
विद्युतरोधी | काँच | 1010 – 1014 |
कठोर | 1013 – 1016 | |
ऐबोनाइट | 1015 – 1017 | |
डायमंड | 1012 – 1013 | |
कागज़ (शुष्क) | 1012 |
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर तालिका में दिए गए आँकड़ों के आधार पर दीजिएः
कौन-सा पदार्थ सर्वश्रेष्ठ चालक है?
20°C पर कुछ पदार्थों विद्युत प्रतिरोधकता | ||
पदार्थ | प्रतिरोध (Ω m) | |
चालक | सिल्वर | 1.60 × 10–8 |
कॉपर | 1.62 × 10–8 | |
ऐलुमिनियम | 2.63 × 10–8 | |
टंगस्टन | 5.20 × 10–8 | |
निकैल | 6.84 × 10–8 | |
आयरन | 10.0 × 10–8 | |
क्रोमियम | 12.9 × 10–8 | |
मर्करी | 94.0 × 10–8 | |
मैंगनीज़ | 1.84 × 10–6 | |
मिश्रातुएँ | कांस्टेंटन (Cu तथा Ni की मिश्रातु) |
49 × 10–6 |
मैंगनीज़ (Cu, Mn तथा Ni की मिश्रातु) |
44 × 10–6 | |
निक्रोम (Ni, Cr, Mn तथा Fe की मिश्रातु) |
100 × 10–6 | |
विद्युतरोधी | काँच | 1010 – 1014 |
कठोर | 1013 – 1016 | |
ऐबोनाइट | 1015 – 1017 | |
डायमंड | 1012 – 1013 | |
कागज़ (शुष्क) | 1012 |
किसी ताँबे के तार का व्यास 0.5 mm तथा प्रतिरोधकता 1.6 × 10−8 Ω m है। 10 Ω प्रतिरोध का प्रतिरोधक बनाने के लिए कितने लंबे तार की आवश्यकता होगी? यदि इससे दोगुने व्यास का तार लें, तो प्रतिरोध में क्या अंतर आएगा?
विद्युत संचारण के लिए प्राय: कॉपर तथा ऐलुमिनियम के तारों का उपयोग क्यों किया जाता है?