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Question
संजाल पूर्ण कीजिए :
Chart
Solution
कृष्ण इन्हें नहीं भूल पाते :
१. वहाँ के कुंजों की छाया
२. वहाँ के उपवन
३. वृंदावन तथा गोकुल
४. वहाँ के वन
shaalaa.com
ब्रजवासी
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संजाल पूर्ण कीजिए :
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए :
कृष्ण विरह में राधा की स्थिति |
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कृति कीजिए :
दूसरे पद का सरल अर्थ लिखिए |
प्रीति करि काहू सुख न लह्यौ।
प्रीति पतंग करी पावक सौं, आपै प्रान दह्यौ।।
अलिसुत प्रीति करी जलसुत सौं, संपुट मांझ गह्यौ।
सारंग प्रीति करी जु नाद सौं, सन्मुख बान सह्यौ।।
हम जो प्रीति करी माधव सों, चलत न कछू कह्यौ।
सूरदास प्रभु बिनु दुख पावत, नैननि नीर बह्यौ।।
निम्न मुद्दों पर आधारित पद्य (ब्रजवासी) का विश्लेषण कीजिए:
- रचनाकार का नाम - [1]
- रचना की विधा - [1]
- पसंदीदा पंक्ति - [1]
- पसंद होने के कारण - [1]
- कविता प्राप्त प्रेरणा/संदेश - [2]