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Question
संक्षिप्त जानकारी लिखिए।
एकजनुकीनीय विकार
Solution
किसी एक सामान्य (निर्दोष) जनुक में उत्परिवर्तन होने के कारण जो रोग होते हैं उन्हें एकजनुकीय विकार कहते हैं। इस प्रकार के लगभग 4000 से भी अधिक मानवीय विकारों की जानकारी हो चुकी है। सदोष जनुकों के कारण शरीर में उन जनुकों द्वारा बनने वाले उत्पादित नहीं बनते अथवा अल्प मात्रा में बनते हैं। उपापचय के इस प्रकार के जन्मजात विकार कम उम्र में जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस प्रकार के रोगों के उदाहरण टचिनसन्स रोग, हेसैक्स रोग, गैलेक्टोसेमिया, फेनिल कीटोनमेट, दात्रकोशिका रक्ताल्पता (सिकलसेल एनिमिया), सिस्टीक फाइब्रोसिस (पुटी तंतुमयता), रंजकहीनता, हीमोफिलिया रतौंधी इत्यादि हैं।
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आनुवंशिक विकार की जानकारी के आधार पर सारिणी तैयार कीजिए।
सहसंबंध लिखिए।
44 + X : टर्नर सिंड्रोम : : 44 + XXY : ______
सहसंबंध लिखिए।
स्त्रियाँ : टर्नर सिंड्रोम : : पुरुष : ______
समूह अ, ब और क का एक-दूसरे से क्या संबंध है? परस्पर संबंध स्पष्ट कीजिए।
अ | ब | क |
लेबेर की आनुवंशिक तंत्रविकृति | 44 + xxy | निस्तेज त्वचा, सफेद बाल |
मधुमेह | 45 + x | पुरुष प्रजननक्षम नहीं होते |
रंजकहीनता | तंतुकणिका विकार | स्त्रियाँ प्रजननक्षम नहीं होती |
टर्नर सिंड्रोम | बहुघटकीय विकृति | भ्रूण विकसित होते समय विकृति निर्माण होती है। |
क्लाईनफेल्टर्स सिंड्रोम | एकजनुकीय विकृति | रक्त की ग्लुकोज की मात्रा पर परिणाम |