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Question
संक्षिप्त जानकारी लिखिए।
सिकलसेल एनिमिया: लक्षण तथा उपाय
Answer in Brief
Solution
लक्षण:
- हाथ पैर पर सूजन आना।
- जोड़ों में दर्द।
- असहनीय वेदना।
- सर्दी तथा खाँसी बार-बार होना।
- शरीर में थोड़े ज्वर का होना।
- जल्दी थकान होना।
- चेहरा निस्तेज दिखना।
- हिमोग्लोबीन की मात्रा कम होना।
उपाय:
- यह बीमारी प्रजनन द्वारा ही प्रसारित होती है। इसलिए शादी के पूर्व या बाद वधू और वर दोनों के रक्त की जाँच करवानी चाहिए।
- सिकलसेल वाहक/पीड़ित व्यक्ति को दूसरे वाहक/पीड़ित व्यक्ति से विवाह टालना चाहिए।
- सिकलसेल पीड़ित व्यक्ति को प्रतिदिन फॉलिक अम्ल (फॉलिक एसिड) की एक गोली खानी चाहिए।
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आनुवंशिक विकृति
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RELATED QUESTIONS
स्पष्टीकरण लिखिए।
क्या जनुकीय विकार से ग्रस्त व्यक्ति के साथ रहने को टालना उचित है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर अपने शब्दों में लिखें।
वधू और वर दोनों को विवाहपूर्व रक्त की जाँच करानी क्यों आवश्यक है?
संक्षिप्त जानकारी लिखिए।
डाउन सिंड्रोम या मंगोलिकता
संक्षिप्त जानकारी लिखिए।
एकजनुकीनीय विकार
आनुवंशिक विकार की जानकारी के आधार पर सारिणी तैयार कीजिए।
सहसंबंध लिखिए।
44 + X : टर्नर सिंड्रोम : : 44 + XXY : ______
सहसंबंध लिखिए।
स्त्रियाँ : टर्नर सिंड्रोम : : पुरुष : ______
समूह अ, ब और क का एक-दूसरे से क्या संबंध है? परस्पर संबंध स्पष्ट कीजिए।
अ | ब | क |
लेबेर की आनुवंशिक तंत्रविकृति | 44 + xxy | निस्तेज त्वचा, सफेद बाल |
मधुमेह | 45 + x | पुरुष प्रजननक्षम नहीं होते |
रंजकहीनता | तंतुकणिका विकार | स्त्रियाँ प्रजननक्षम नहीं होती |
टर्नर सिंड्रोम | बहुघटकीय विकृति | भ्रूण विकसित होते समय विकृति निर्माण होती है। |
क्लाईनफेल्टर्स सिंड्रोम | एकजनुकीय विकृति | रक्त की ग्लुकोज की मात्रा पर परिणाम |