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'संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमित ऋणपत्र' के तात्पर्य का वर्णन कीजिए। खाता पुस्तकों में ऋणपत्र के निर्गम हेतु लेखांकन व्यवहार बताएँ। - Accountancy (लेखाशास्त्र)

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Question

'संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमित ऋणपत्र' के तात्पर्य का वर्णन कीजिए। खाता पुस्तकों में ऋणपत्र के निर्गम हेतु लेखांकन व्यवहार बताएँ।

Long Answer

Solution

जब एक कंपनी बैंक अथवा वित्तीय संस्था से ऋण या अधिविकर्ष प्राप्त करती है तो ऐसी स्थिति में संपार्श्विक प्रतिभूति को प्राथमिक प्रतिभूति की तुलना में सहायक अथवा अतिरिक्‍त प्रतिभूति के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसके लिए कंपनी अपनी कुछ परिसंपत्तियों को उपयुक्त ऋण प्राप्ति हेतु रक्षित ऋण के रूप में बंधक अथवा गिरवी रख सकती है। कितु ऋणदाता संस्थाएँ संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में अधिक परिसंपत्तियों के लिए आग्रह कर सकती हैं ताकि ऋण की राशि की पूर्णतः वसूली हो सके यदि प्राथमिक प्रतिभूति के विक्रय से ऋण की राशि का पूर्ण भुगतान संभव नहीं है तो ऐसी स्थिति में कंपनी स्वयं के ऋणपत्रों का निर्गमन 'पहले से बंधक परिसंपत्तियों सहित ऋणदाता को करती है। ऐसे निर्ममन को संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों का निर्गमन कहते हैं।

संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमित ऋणपत्रों को कंपनी के खाता पुस्तकों में दो विधियों से दर्शाया जा सकता है -

प्रथम विधि -

खाता पुस्तकों में कोई प्रविष्टि नहीं होती चूँकि इस प्रकार के निर्गम से कोई भी दायित्व उत्पन्न नहीं होता है। हालाँकि तुलन - पत्र ऋण के, मद के नीचे इस प्रभाव के साथ एक टिप्पणी संलग्न करते हैं कि एक संपाश्विक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों के निर्गम द्वारा इसे सुरक्षित किया गया है।

उदाहरण के लिए एक्स कंपनी ने एक बैंक से प्राप्त 10,00.000 हेतु 100 रु. प्रति ऋणपत्र से 10,000, 99% ऋणपत्रों को जारी किया है। इस तथ्य को तुलन - पत्र में निम्नवत प्रदर्शित किया जा सकता है।

एक्स कंपनी का तुलन पत्र
विवरण नोट संख्या राशि (रु.)
I. समता एवं देयताएँ    
1. गैर- चालू दायित्व    
(क) दीर्घकालीन ऋण 1 10,00,000

खातों की टिप्पणी -

विवरण राशि (रु.)
1. दीर्घकालीन ऋण
रक्षित बैंक कर्ज
 
(10,000 संपाश्विक 10 % ऋणपत्र प्रति रु . 100 का प्रतिभूति के रूप में निर्गमन ) 10,00,000

द्वितीय विधि -

संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में ऋणपत्रों के निर्गमन का अभिलेखन निम्न रोज़नामचा प्रविष्टियाँ के माध्यम से किया जाता है।

रोज़नामचा प्रविष्टियाँ -

1. 10,00.000 रु. के बैंक कर्ज हेतु संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में 100 रू प्रति से 10,000, 9% ऋणपत्रों का निर्गम हुआ।

ऋणपत्र उचंती खाता    ...नाम 10,00,000  
ऋणपत्र खाते से   10,00,000

2. बैंक ऋण के पूर्ण भुगतान पर 9% ऋणपत्रों का संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में रद्दीकरण हेतु ऋणपत्र उचंती खाता ऋणप्रों की कटौती के रूप में तुलन-पत्र की दीर्घकालीन देयताओं की टिप्पणी में लिखा जाएगा। ऋण के भुगतान पर उपरोक्त प्रविष्टि को विपरीत प्रविष्टि को विपरीत प्रविष्टि द्वारा निरस्त (रद्‌द) किया जाता है।

9% ऋणपत्र खाता      ...नाम 10,00,000  
ऋणपत्र उचंती खाते से   10,00,000

 

--- को एक्स कंपनी का तुलन-पत्र (सारांश)
विवरण नोट संख्या राशि (रु.)
I. समता एवं देयताएँ    
1. गैर-चालू दायित्व    
दीर्घकालीन ऋण 1 10,00,000

खातों की टिप्पणी -

विवरण रु. राशि (रु.)
1. दीर्घकालीन ऋण   10,00,000
रक्षित बैंक कर्ज    
(10000 9% ऋण प्रति 100 रु.) 10,00,000  
घटाया - ऋणपत्र उचंती खाता 10,00,000 -
    10,00,000
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ॠणपत्रों का संपाश्विक प्रतिभूति के रूप में निर्गमन
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Chapter 2: ॠणपत्रों का निर्गम एवं मोचन - अभ्यास हेतु प्रश्न [Page 143]

APPEARS IN

NCERT Accountancy - Company Accounts and Analysis of Financial Statements [Hindi] Class 12
Chapter 2 ॠणपत्रों का निर्गम एवं मोचन
अभ्यास हेतु प्रश्न | Q 3. | Page 143
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