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स्पष्टीकरण लिखिए। मेंडेल की द्‌विसंकर संतति किसी एक संकर द्वारा स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

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Question

स्पष्टीकरण लिखिए।

मेंडेल की द्‌विसंकर संतति किसी एक संकर द्वारा स्पष्ट कीजिए।

Answer in Brief

Solution

  • द्‌विसंकर पद्धति में विरोधी लक्षणों की दो जोड़ियों का समावेश होता है।
  • मेंडेल ने एक से अधिक लक्षणों की जोड़ियाँ पर एकही समय पर ध्यान केंद्रित कर संकर के कुछ और प्रयोग किए। इसमें गोल-पीले बीजोंवाले पौधों (RRYY) का झुर्रीदार-हरे बीजोंवाले पौधों (rryy) से संकर किया। इसमें बीजों का रंग और प्रकार ऐसे दो लक्षण समाविष्ट हैं, इसलिए इसे द्‌विसंकर पद्धति कहा गया है।
  • जनक पीढ़ी (P1): मेंडेल ने गोल-पीले बीजों वाले तथा झुर्रियाेंवाले हरे बीजों वाले मटर के पौधों का चयन किया जो निम्न प्रकार है। P1 पीढ़ी के युग्‍मक बनते समय जनुकों की जोड़ियाँ स्वतंत्र रूप से अलग होती हैं अर्थात RRYY पौधों से RR और YY ऐसे युग्‍मक नहीं बनते तो केवल RY प्रकार के युग्‍मक बनते है। उसी प्रकार rryy पौधों से ry युग्‍मक बनते हैं। इससे हम यह कह सकते है कि युग्‍मकों में जनुकों की हर जोड़ी का प्रतिनिधित्‍व उसके एक घटक द्‌वारा किया जाता है।
  • एकसंकर प्रयोगों के निष्कर्षों के अनुसार द्‌विसंकर प्रयोग में F1 पीढ़ी के पौधों में पीले, गोल मटर उगेंगे ऐसी मेंडेल की अपेक्षा थी। उनका अनुमान सही था। इन मटर के पौधों की जनुकविधा YyRr होते हुए भी स्वरूप विधा पीले, गोल मटर उगनेवाले पौधों की तरह ही थी; क्योंकि पीले रंग का घटक हरे रंग के जनुक से प्रभावी तथा गोल आकार नियंत्रित करने वाला जनुक झुर्रीदार बीज से प्रभावी था। द्‌विसंकर प्रयोग के पीढ़ी के पौधों को दो लक्षणों के समावेश के कारण द्‌विसंकरज कहते हैं।
  • F1 पीढ़ी के पौधे चार प्रकार के युग्मक बनाते हैं। इनमें से यह युग्मक RY, Ry, rY, ry इसी प्रकार RY और ry ये युग्म के P1 युग्मकों जैसे ही हैं। चार प्रकार के पुंयुग्मक और चार प्रकार के स्त्रीयुग्मकों के संकर से जो 16 अलग-अलग मेल बनते हैं।
मेंडेल का द्‌विसंकर संतति का प्रयोग
जनक पीढ़ी P1  
स्वरूपविधा गोल और पीले मटर झुर्रीदार और हरे मटर  
जनुकविधा RRYY rryy
युग्मक RY ry
पहली पीढ़ी F1 RrYy
  (स्वरूप विधा : गोल, पीले मटर)
जनक पीढ़ी P2 F1 स्वयं के परागण  
स्वरूप विधा गोल-पीले मटर गोल-पीले मटर
जनुकविधा RrYy RrYy
युग्मक RY, Ry, rY, ry

RY, Ry, rY, ry

दूसरी पीढ़ी F2

 

पुंयुग्मक/स्त्रीयुग्मक RY

Ry

rY ry
RY RRYY

RRYy

RrYY RrYy
Ry RRYy

RRyy

RrYy Rryy
rY RrYY

RrYy

rrYY rrYy
ry RrYy

RrYy

rrYy rryy
  • द्‌विसंकर प्रयोग से निर्मित हुई F2 संतानीय पीढ़ी में प्राप्त अनुपात निम्नानुसार हैं:
  • स्वरूपविधा अनुपात = 9 : 3 : 3 : 1
    1. गोल-पीले: 9
    2. पीले-झुर्रीदार: 3
    3. गोल-हरे: 3
    4. हरे-झुर्रीदार: 1
  • जनुकविधा अनुपात = 1 : 1 : 2 : 2 : 4 : 2 : 2 : 1 : 1
    RRYY = 1, RRyy = 1, RRYy = 2, RrYY = 2, RrYy = 4, Rryy = 2, rrYy = 2, rrYY = 1, rryy = 1
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मेंडेल की द्‌विसंकर संतति
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Chapter 16: आनुवंशिकता और परिवर्तन - स्वाध्याय [Page 193]

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Balbharati Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 16 आनुवंशिकता और परिवर्तन
स्वाध्याय | Q 2. आ. | Page 193
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